भोपाल , जुलाई 10 -- मध्यप्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने केन-बेतवा लिंक परियोजना से प्रभावित आदिवासी परिवारों के मुद्दे को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि भाजपा सरकार आदिवासियों को न्याय देने के बजाय उन्हें आंदोलन करने के लिए मजबूर कर रही है।

श्री सिंघार ने आज सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर जारी एक पोस्ट में कहा कि केन-बेतवा लिंक परियोजना से प्रभावित आदिवासी परिवार भारी बारिश के बीच चौथे दिन भी "चिता आंदोलन" करने को विवश हैं। उनका आरोप है कि प्रभावित परिवारों को दिया जा रहा 12.50 लाख रुपये का पुनर्वास पैकेज अपर्याप्त है और उन्हें अब तक उचित मुआवजा नहीं मिला है।

उन्होंने कहा कि जिन आदिवासियों की जल, जंगल और जमीन परियोजना के कारण प्रभावित हो रही है, उनकी आवाज सुनने के बजाय सरकार उन्हें आंदोलन करने पर मजबूर कर रही है। उन्होंने सवाल किया कि "क्या यही डबल इंजन सरकार का आदिवासी सम्मान है?" और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से आदिवासियों को न्याय देने के संबंध में जवाब मांगा।

श्री सिंघार ने आरोप लगाया कि विकास के नाम पर विस्थापन और उसके बाद प्रभावित लोगों के अधिकारों की अनदेखी भाजपा सरकार का मॉडल बन चुका है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस आदिवासी समाज के जल, जंगल, जमीन और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष करती रहेगी। राज्य सरकार की ओर से इस संबंध में तत्काल कोई प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हो सकी है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित