भोपाल , अप्रैल 17 -- मध्यप्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने आज शुक्रवार को भोपाल स्थित निवास पर मीडिया से चर्चा करते हुए महिला आरक्षण, प्रदेश की कानून व्यवस्था, आदिवासी हितों और विकास परियोजनाओं को लेकर केंद्र एवं राज्य सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए।
महिला आरक्षण के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि कांग्रेस हमेशा से इसके पक्ष में रही है, लेकिन भारतीय जनता पार्टी इसे जनगणना और परिसीमन से जोड़कर लागू करने में देरी कर रही है। उन्होंने मांग की कि बिना किसी शर्त के महिला आरक्षण तत्काल लागू किया जाए और यह स्पष्ट किया जाए कि इसका लाभ किन वर्गों की महिलाओं को मिलेगा।
कानून व्यवस्था पर उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में जनप्रतिनिधियों के परिजन कानून की अवहेलना करते नजर आ रहे हैं, जो चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि सत्ता के दुरुपयोग के मामलों में जिम्मेदारी तय होनी चाहिए और संबंधित लोगों को जवाबदेह बनाया जाना चाहिए।
आदिवासी मुद्दों पर नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि राज्यपाल द्वारा व्यक्त चिंता स्वागतयोग्य है, लेकिन केवल सलाह से काम नहीं चलेगा। आदिवासी समाज के विकास के लिए ठोस नीति और प्रभावी क्रियान्वयन आवश्यक है।
केन-बेतवा परियोजना का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि विकास परियोजनाओं के नाम पर प्रभावित परिवारों के अधिकारों की अनदेखी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने जोर दिया कि पुनर्वास, मुआवजा और स्थानीय लोगों की सहमति को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
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