नयी दिल्ली , फरवरी 04 -- उद्योग संवर्धन और आंतरिक व्यापार विभाग (डीपीआईआईटी) में नेटवर्क योजना समूह (एनपीजी) की बुधवार को संपन्न 108वीं बैठक में सात सड़क परियोजनाओं का गहन विश्लेषण किया गया।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने बताया कि इस बैठक का उद्देश्य अवसंरचना परियोजनाओं का मूल्यांकन करना था। बैठक में विशेष रूप से प्रधानमंत्री गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान (पीएमजीएस एनएमपी) के अनुरूप बहुआयामी कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने और लॉजिस्टिक्स दक्षता में सुधार लाने पर जोर दिया गया। इन पहलों से लॉजिस्टिक्स दक्षता में वृद्धि, यात्रा समय में कमी और परियोजना के प्रभाव क्षेत्र में महत्वपूर्ण सामाजिक-आर्थिक लाभ मिलने की उम्मीद है।
जिन सात परियोजनाओं का विश्लेषण किया गया उनमें तमिलनाडु में सलेम-कुमारपालयम खंड पर एनएच-544 के छह लेन का निर्माण, आंध्र प्रदेश में अमरावती आउटर रिंग रोड का निर्माण, जम्मू-कश्मीर में रफीबाद-कुपवाड़ा-चौकीबल-तंगधार तक पक्की शोल्डर वाली दो लेन सड़क का निर्माण और चित्रकूट-मझगवां-सतना खंड (मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश) के लिए मौजूदा दो लेन वाली विभाजित सड़क को चार लेन वाली विभाजित सड़क में बदलने का प्रस्ताव शामिल है।
राउरकेला से सिथियो (ओडिशा और झारखंड) तक चार लेन वाले एक्सेस-कंट्रोल्ड ग्रीनफील्ड राजमार्ग के निर्माण और कन्हौली से शेरपुर (बिहार) तक छह लेन का ग्रीनफील्ड पटना रिंग रोड राजमार्ग (एनएच-131जी) के निर्माण की भी समीक्षा की गयी। इसके अलावा लेह बाईपास के निर्माण के लिए परामर्श सेवाएं प्रदान की जाएंगी, जिसमें पक्के शोल्डर सहित दो लेन की सड़क का निर्माण, स्थानीय प्राधिकरण सहयोग और उपयोगिता स्थानांतरण जैसे पहलू शामिल हैं।
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