अलवर, 21अक्टूबर (वार्ता) राजस्थान में कोटपूतली-बहरोड़ जिले के नीमराणा कस्बे में घर के बाहर खेल रहे एक मासूम बच्चे के अपहरण के मामले में पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है।

पुलिस ने करीब 40 घंटे की तलाश के बाद अपहृत बच्चे को उत्तर प्रदेश से सकुशल बरामद करके आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

शुरुआती जानकारी में बच्चे की नरबलि दिए जाने की आशंका सामने आई है, हालांकि इस कथित साजिश के पीछे की वास्तविक वजह और आरोपी की मंशा का खुलासा पुलिस की विस्तृत जांच के बाद ही हो सकेगा।

बहरोड़ के पुलिस अधीक्षक सतवीर सिंह ने बुधवार को बताया कि बच्चे के अपहरण की सूचना मिलते ही नीमराणा पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुरेश खींची और पुलिस उपाधीक्षक कृष्ण यादव के नेतृत्व में आठ दल गठित किये। पुलिस दलों ने दिन-रात जुटकर करीब 350 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और संदिग्ध की गतिविधियों का पता लगाने के लिए अलग-अलग सुरागों पर काम किया। जांच के दौरान मिले सुरागों के आधार पर पुलिस उत्तर प्रदेश तक पहुंची और मासूम को सुरक्षित बरामद कर लिया। महज 40 घंटे में बच्चे की बरामदगी को पुलिस की बड़ी कामयाबी माना जा रहा है।

पुलिस सूत्रों ने बताया कि मासूम किशना पुत्र अनिल अपने घर के बाहर खेल रहा था। इसी दौरान एक मोटर साइकिल पर सवार युवक उसे अगवा करके ले गया। घटना का पता चलते ही परिजनों में हड़कंप मच गया और पुलिस को सूचना दी गई। बच्चे के पिता अनिल मध्य प्रदेश के निवासी हैं और पिछले करीब 10 वर्षों से नीमराणा में रहकर पानी-पताशे का काम कर रहे हैं। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी उत्तर प्रदेश का है।

पुलिस ने बताया कि अपहरण के कारणों का पता लगाया जा रहा है।

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