द हेग , मई 16 -- नीदरलैंड के लाइडेन विश्वविद्यालय पुस्तकालय ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और नीदरलैंड के प्रधानमंत्री रॉब जेटन की उपस्थिति में शनिवार को यहां 11वीं शताब्दी की चोल ताम्रपट्टिकाएँ भारत को वापस लौटा दी।

श्री मोदी पांच देशों की यात्रा के दूसरे चरण में नीदरलैंड की यात्रा पर हैं।

ये चोल ताम्रपट्टिकाएँ, जिनमें 21 बड़ी और 3 छोटी पट्टिकाएँ शामिल हैं, 11वीं शताब्दी ईस्वी के दौरान चोल राजाओं द्वारा जारी शाही अभिलेख हैं। ये अभिलेख तमिलनाडु के नागपट्टिनम स्थित चूलामणिवर्म-विहार नामक बौद्ध विहार को अनैमंगलम गाँव दान में दिए जाने को औपचारिक रूप प्रदान करते हैं। इन पट्टिकाओं में तमिल और संस्कृत में लिखित पाठ अंकित हैं।

इन चोल ताम्रपट्टिकाओं की वापसी विशेष महत्व रखती है क्योंकि ये केवल अतीत की कलाकृतियाँ नहीं हैं, बल्कि भारत की विरासत और सभ्यता की एक अमूल्य कहानी हैं। इन पट्टिकाओं की स्वदेश वापसी भारत के लोगों के लिए गहरी भावनात्मक महत्ता रखती है।

उल्लेखनीय है कि इससे पहले श्री मोदी ने नीदरलैंड के राजा और रानी से भेंट की थी। इस दौरान दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय महत्व के मुद्दों पर चर्चा की थी।

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