पटना , जनवरी 24 -- बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शनिवार को समृद्धि यात्रा के दौरान वैशाली जिले में 152 करोड़ रुपये की लागत से 128 योजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास किया।
मुख्यमंत्री श्री कुमार ने आज समृद्धि यात्रा के क्रम में पानापुर बाबा बटेश्वरनाथ धाम परिसर में आयोजित कार्यक्रम में रिमोट के माध्यम से शिलापट्ट अनावरण कर वैशाली जिले के लिए 54 करोड़ रुपये की 25 योजनाओं का शिलान्यास एवं 98 करोड़ रुपये की 103 योजनाओं का उद्घाटन किया।
मुख्यमंत्री श्री कुमार ने वैशाली जिले में विभिन्न विकासात्मक योजनाओं का जायजा लिया। उन्होंने जायजा के क्रम में वैशाली जिला अंतर्गत महुआ प्रखंड स्थित वाया नदी योजना स्थल पर वाया नदी में गाद उड़ाही कार्य का स्थलीय निरीक्षण किया। अधिकारियों ने मुख्यमंत्री श्री कुमार को वाया नदी के गाद उड़ाही कार्य की प्रगति एवं अद्यतन स्थिति की जानकारी दी। प्रगति यात्रा के दौरान घोषित विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन के संबंध में मुख्यमंत्री को अधिकारियों ने बरैला झील में पानी लाने एवं अधिक जलस्तर होने पर जलनिकासी किए जाने से संबंधित कार्य, मुख्यमंत्री सात निश्चय-3 के तहत वैशाली जिला (जंदाहा, राजापाकड़ एवं महुआ) में नए औद्योगिक क्षेत्र प्रस्तावित करने के लिये चिन्हित की गई 1243.45 एकड़ भूमि, बिहार के पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड द्वारा महुआ प्रखंड में स्थापित किए जा रहे ग्रिड उपकेन्द्र सहित अन्य विकासात्मक योजनाओं के प्रगति की विस्तृत जानकारी दी।
गौरतलब है कि वाया नदी पूर्वी चम्पारण जिला के केसरिया प्रखंड अंतर्गत मुंडमाल ग्राम के पास राघवा नदी और मेघुला (सम्होती) नदी के संगम स्थल से निकलती है। यह एक बरसाती नदी है जिसकी कुल लम्बाई 212.80 किलोमीटर है। यह नदी पूर्वी चम्पारण जिला से निकलकर मुजफ्फरपुर, वैशाली, समस्तीपुर जिला होते हुए बेगूसराय जिला अंतर्गत तेघड़ा प्रखण्ड के चकिया ग्राम के नजदीक गंगा नदी में मिल जाती है।
वाया नदी वैशाली जिलान्तर्गत कुल आठ प्रखंडों यथा वैशाली, पटेढ़ी बेलसर, भगवानपुर, गोरौल, महुआ, जंदाहा, सहदेई बुजुर्ग एवं महनार से होकर गुजरती है। वैशाली जिला अन्तर्गत इसकी कुल लम्बाई 93.116 किलोमीटर है। वाया नदी वैशाली जिला के जल निकासी का मुख्य स्रोत है। वैशाली जिला अंतर्गत वाया नदी की तल की सफाई का कार्य पूर्ण कर लिया गया है, जिससे जलश्राव में बढ़ोतरी, बाढ़ के खतरे में कमी तथा नदी के जलीय प्रवाह प्रदर्शन में सुधार होगा।
बरैला वेटलैंड उत्तर बिहार के वैशाली जिला अंतर्गत बरैला गांव के पास स्थित है। बरैला झील की सीमा आठ गांव से घिरी हुई है। प्रस्तावित कार्य अंतर्गत जंदाहा वितरणी के छह किलोमीटर बिन्दु से 7.12 किलोमीटर लम्बाई में चैनल का निर्माण कर बरैला झील में जल का संचयन एवं अधिक जलस्तर होने पर आउटलेट के माध्यम से नून नदी में जल की निकासी का प्रावधान है।
बरैला वेटलैंड का पारिस्थितिक रूप से बहुत महत्व है। यह स्थानीय समुदायों को इकोसिस्टम सेवाएं यथा बाढ़ नियंत्रण, भू-जल रिचार्ज, मछली पालन आदि की सुलभता के साथ-साथ सौंदर्य संबंधी मूल्य भी प्रदान करता है। बिहार सरकार द्वारा बरैला झील को सलीम अली जुब्बा सहनी पक्षी अभयारण्य के रूप में अधिसूचित किया गया है। बरैला वेटलैंड को विश्व स्तर पर मान्यता प्राप्त है क्योंकि यह प्रवासी जल पक्षियों के लिए एक महत्वपूर्ण आश्रय स्थल है। यह संरक्षण की दृष्टि से महत्वपूर्ण मछली, उभयचर, सरीसृप, पक्षियों और स्तनधारियों की कई प्रजातियों को आश्रय स्थल प्रदान करता है।
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