पटना , अप्रैल 03 -- बिहार जनता दल यूनाइटेड(जदयू) के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने शुक्रवार को कहा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के दूरदर्शी नेतृत्व में बिहार बीते दो दशकों में 'बीमारू राज्य' की छवि को पीछे छोड़ते हुए सुशासन और सर्वांगीण विकास का एक सशक्त उदाहरण बन गया है।

श्री कुशवाहा ने कहा कि राज्य में बुनियादी ढांचे का अभूतपूर्व विस्तार, कानून-व्यवस्था में व्यापक सुधार, महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा तथा शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और बिजली जैसी मूलभूत सेवाओं की सुदृढ़ता ने विकास को नई गति प्रदान की है।

जदयू के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि श्री कुमार के नेतृत्व गरीब, वंचित एवं पिछड़े वर्गों के उत्थान के लिए संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं ने समाज के अंतिम पायदान पर खड़े लोगों तक विकास की किरणें पहुँचाने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि बिहार आज परिवर्तन और प्रगति की नई कहानी गढ़ रहाहै, जिसके दौरान समाज में दशकों तक विकास से वंचित रहे लोगों को मुख्यधारा से जोड़ने की कोशिश की गई है।

श्री कुशवाहा ने कहा कि लालू-राबड़ी के शासनकाल में 'चरवाहा विद्यालय' जैसी व्यवस्थाओं के कारण बिहार की छवि प्रभावित हुई थी, जबकि आज प्रत्येक जिले में इंजीनियरिंग एवं अन्य महाविद्यालयों की स्थापना की जा रही है। उन्होंने कहा कि राज्य में सड़कों का सुदृढ़ जाल बिछाया गया है और अब बिहार के किसी भी कोने से राजधानी पटना तक पहुँचने में मात्र 4 से 5 घंटे का समय लगता है।

जदयू नेता ने कहा कि एक समय बिजली का आना किसी त्योहार से कम नहीं होता था, जबकि आज सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में भी 22 से 23 घंटे तक निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।

श्री कुशवाहा ने कहा कि वर्ष 2005 तक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में प्रतिमाह औसतन मात्र 39 मरीज आते थे, जबकि वर्तमान में यह संख्या बढ़कर 11 हजार से अधिक हो चुकी है। इस दौरान शिशु मृत्यु दर, मातृ मृत्यु दर एवं नवजात मृत्यु दर में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है, और वर्तमान में बिहार की शिशु मृत्यु दर राष्ट्रीय औसत से भी कम है।

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