पटना , मार्च 01 -- बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के जन्मदिन पर उनके राजनीतिक जीवन का वृतांत लिखने वाले मुरली मनोहर श्रीवास्तव ने कहा कि श्री कुमार सुशासन, विकास और स्थिर प्रशासन के प्रतीक के रूप में जाने जाते हैं।

मुख्यमंत्री श्री कुमार की उपलब्धियों को याद करते हुए लेखक श्रीवास्तव ने कहा कि उनके नेतृत्व से राज्य की राजनीति को नई दिशा मिली और यही कारण है कि दो दशकों से वह लगातार बिहार की राजनीति में सुशासन, विकास और स्थिर प्रशासन के प्रतीक बने हुए हैं।

श्री मुरली मनोहर ने कहा कि नीतीश कुमार का सुशासन मॉडल बिहार में उस समय आया जब राज्य भ्रष्टाचार, अपराध और प्रशासनिक अव्यवस्था से जूझ रहा था। उन्होंने कहा कि श्री कुमार ने प्रदेश की बागडोर थामते ही सबसे पहले अपनी प्राथमिकताएं' तय करते हुए कानून-व्यवस्था में सुधार, बुनियादी ढांचे के विकास और समाज के कमजोर वर्गों को मुख्यधारा में लाने की कोशिश शुरू की।

लेखक ने कहा कि श्री कुमार के शासन काल में पुलिस व्यवस्था को मजबूत कर अपराध नियंत्रण पर ध्यान दिया गया, जिससे आमलोगों में सुरक्षा की भावना का संचार हुआ। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण की सोच के साथ श्री कुमार ने उनके लिए पंचायतों, निकायों के साथ सरकारी और पुलिस सेवाओं में आरक्षण की व्यवस्था की और सुनिश्चित किया की उनकी सार्वजनिक भागीदारी बढ़े। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में साइकिल योजना और सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए मुख्यमंत्री ने लड़कियों को पढ़ाई और जिन्दगी में आगे बढ़ने के नए अवसर दिए।

श्री मनोहर ने कहा कि श्री कुमार ने गांवों तक पक्की सड़कों का जाल बुना, पुल बनाये, और अर्थव्यवस्था को गति देकर बिहार को विकास की राह पर आगे बढ़ा दिया। उनके प्रयासों से शिक्षा और स्वास्थ्य दोनों ही क्षेत्रों में प्रदेश की रैंकिंग में सुधार हुआ है। उन्होंने कहा कि श्री कुमार जनता से सीधे संवाद करते हैं और उनके दिलों में बसते हैं।

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