नयी दिल्ली , अप्रैल 09 -- बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के गुरुवार को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली पहुंचने के साथ ही कयासों का दौर शुरू हो गया है। ज्ञात रहे कि नीतीश कुमार शुक्रवार को राज्यसभा की शपथ लेंगे।

वहीं सम्राट चौधरी को बिहार का अगला मुख्यमंत्री की ताजपोशी को लेकर चर्चा का बाजार गर्म है। वहीं इसके साथ ही बिहार में सत्ता परिवर्तन की प्रक्रिया तेज होने की संभावना है।

दिल्ली पहुंचने पर नीतीश कुमार ने कहा कि हम वहां का छोड़कर यहां आए हैं, तो अब यहां का काम करेंगे। कुछ दिनों बाद वहां जाकर नई व्यवस्था कर देंगे। उनके इस बयान को बिहार की राजनीति में बड़े बदलाव के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। श्री नीतीश कहा कि वह राज्यसभा की शपथ लेने के लिए ही दिल्ली आए हैं।

हवाई अड्डे पर श्री नीतीश का जनता दल (यूनाइटेड) के कई वरिष्ठ नेताओं ने उनका स्वागत किया। नीतीश कुमार 16 मार्च को राज्यसभा के लिए निर्विरोध चुने गए थे और उन्होंने बिहार विधान परिषद की सदस्यता से पहले ही इस्तीफा दे दिया है।

सूत्रों के मुताबिक, राज्यसभा की सदस्यता ग्रहण करने के बाद श्री नीतीश मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे सकते हैं। बिहार सरकार के मंत्री विजय कुमार चौधरी ने भी संकेत दिए हैं कि जल्द ही नेतृत्व परिवर्तन होगा और नई सरकार का गठन किया जाएगा।

उन्होंने भरोसा जताया कि राज्य में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की सरकार जारी रहेगी और 'नीतीश मॉडल' के तहत विकास कार्य आगे बढ़ेंगे।

वहीं, नीतीश कुमार के केंद्र की राजनीति में सक्रिय होने के बाद बिहार के नए मुख्यमंत्री को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। सूत्रों के अनुसार, 14 या 15 अप्रैल को राजग की बैठक में नए नेता के नाम पर अंतिम फैसला लिया जा सकता है, जिसके बाद जल्द ही नई सरकार का शपथ ग्रहण होगा।

नीतीश कुमार के राज्यसभा में जाने के साथ ही बिहार की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत तय मानी जा रही है, जहां राज्य में नेतृत्व परिवर्तन और नई सरकार के गठन की प्रक्रिया जल्द पूरी हो सकती है।

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