शिवमोग्गा , जुलाई 28 -- कर्नाटक के पूर्व शिक्षा मंत्री मधु बंगारप्पा ने मंगलवार को कहा कि राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) मुद्दे पर छात्रों की आत्महत्या के लिए केन्द्र सरकार जिम्मेदार है।

श्री बंगारप्पा ने संवाददाताओं से बात करते हुए केंद्र और राज्यों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की अगुवाई वाली सरकारों पर 'देश के युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने' का आरोप लगाया और कहा कि नीट मुद्दे को जिस तरह से संभाला गया, उसने कई छात्रों को यह चरम कदम उठाने के लिए मजबूर किया। उन्होंने केंद्र सरकार पर परीक्षा प्रणाली को लेकर बढ़ती चिंताओं को दूर करने में नाकाम रहने की बात करते हुए नीट मुद्दे का विरोध कर रहे छात्रों पर बिना उचित प्रक्रिया के लाठीचार्ज और पुलिस कार्रवाई का भी आरोप लगाया। उन्होंने सरकार के रवैये को युवाओं की उम्मीदों के प्रति संवेदनहीन बताया। उन्होंने कहा कि जिस सोशल मीडिया ने कभी भाजपा को सत्ता में लाने में मदद की थी, वह अब पार्टी के खिलाफ हो गया है।

श्री बंगारप्पा ने युवाओं के नेतृत्व वाले विरोध-प्रदर्शनों को जनता के बढ़ते गुस्से का इजहार बताया। उन्होंने कहा, "किसी भी सरकार को युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का अधिकार नहीं है। केंद्र और राज्य दोनों सरकारों को जिम्मेदारी से काम करना चाहिए।" उन्होंने विपक्ष के द्वारा संसद में यह मुद्दा उठाने की बात कही।

श्री बंगारप्पा ने कर्नाटक लोक सेवा आयोग (केपीएससी) की भर्ती प्रक्रिया में हुईं अनियमितताओं पर अपनी टिप्पणी में इसके जिम्मेदार लोगों के लिए कड़ी सजा की मांग करते हुए कहा, "हजारों बेरोजगार युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करना स्वीकार्य नहीं है। एक निष्पक्ष और सख्त जांच होनी चाहिए। अगर परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता से समझौता किया जाता है, तो जनता का भरोसा कम हो जाएगा।"श्री बंगारप्पा ने बतौर शिक्षा मंत्री अपने कार्यकाल की चर्चा करते हुए बताया कि शिक्षकों की नियुक्ति के लिए एक पारदर्शी भर्ती प्रणाली शुरू की गई थी।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित