रायपुर , जुलाई 22 -- नीट परीक्षा और उससे जुड़े घटनाक्रम को लेकर देशभर में जारी राजनीतिक और छात्र आंदोलनों की गूंज अब छत्तीसगढ़ में भी तेज हो गई है। एक ओर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री आवास के बाहर कांग्रेस नेताओं के प्रदर्शन को लोकतांत्रिक मर्यादा के विपरीत बताते हुए विपक्ष पर निशाना साधा, वहीं दूसरी ओर प्रदेश के विभिन्न जिलों में छात्र संगठनों और कांग्रेस ने विरोध प्रदर्शन कर केंद्र सरकार को घेरा।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर कहा, "लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री के आवास के बाहर जैसा आचरण किया, वह लोकतांत्रिक गरिमा के प्रतिकूल और निंदनीय है। ऐसे राजनीतिक स्टंट की अपेक्षा नेता प्रतिपक्ष जैसे पद पर बैठे व्यक्ति से तो बिल्कुल नहीं होती।"उन्होंने कहा कि "नीट पेपर लीक जैसी समस्या पर केंद्र सरकार पहले से ही अत्यधिक गंभीर है। दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई भी हुई है। प्रधानमंत्री ने पेपर लीक को 'पाप' कहते हुए कार्रवाई की बात कही है। सरकार परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।"श्री साय ने कहा कि परीक्षा दोबारा पूरी पारदर्शिता के साथ आयोजित की गई और उसका परिणाम भी घोषित हो चुका है। उनके अनुसार कांग्रेस इस मुद्दे पर कुछ युवाओं की आड़ लेकर देश में अराजकता फैलाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास जैसे प्रतिबंधित क्षेत्र में विपक्ष का प्रदर्शन लोकतंत्र की गरिमा के प्रतिकूल है और इसे जनता स्वीकार नहीं करेगी।
बिलासपुर में ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स ऑर्गेनाइजेशन (एआईडीएसओ) ने नीट पेपर लीक प्रकरण तथा छात्र आंदोलनों पर कथित पुलिस कार्रवाई के विरोध में प्रदर्शन किया और राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा।
संगठन ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) को भंग करने तथा छात्रों पर कथित पुलिस कार्रवाई रोकने की मांग की। एआईडीएसओ पदाधिकारियों ने कहा कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्र लंबे समय से शिक्षा व्यवस्था में सुधार और नीट पेपर लीक मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। संगठन का आरोप है कि 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान दिल्ली पुलिस ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज किया तथा छात्र-छात्राओं, महिलाओं और बुजुर्गों के साथ भी दुर्व्यवहार किया। संगठन ने कहा कि सरकार परीक्षा प्रणाली में कथित भ्रष्टाचार पर कार्रवाई करने के बजाय छात्रों की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है और न्याय मिलने तक आंदोलन जारी रहेगा।
इसी बीच सरगुजा जिले के सीतापुर क्षेत्र से एक दुखद घटना सामने आई। सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांग्चुक के समर्थन में दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे धरने में शामिल होने जा रहे दो युवक उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में सड़क दुर्घटना का शिकार हो गए।
जानकारी के अनुसार सीतापुर विकासखंड के ग्राम आरा निवासी दीपक सिंह (18) तथा उनके साथी सुरेश सिंह 18 जुलाई को मोटरसाइकिल से दिल्ली के लिए रवाना हुए थे। दोनों युवक नीट पेपर लीक के विरोध में आयोजित आंदोलन में शामिल होने जा रहे थे।
अलीगढ़ में हुई सड़क दुर्घटना में दीपक सिंह की मौत हो गई, जबकि सुरेश सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। अलीगढ़ पुलिस ने पहचान पत्र के आधार पर सीतापुर थाना पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद ग्राम आरा के सरपंच अजीत तिर्की के माध्यम से परिजनों को जानकारी दी गई। परिजन अलीगढ़ रवाना हो गए हैं।
बताया गया कि दिल्ली रवाना होने से पहले दोनों युवकों ने सोशल मीडिया पर श्री वांगचुक के आंदोलन के समर्थन में पोस्ट करते हुए लिखा था, "हमारे सपने बिकाऊ नहीं हैं, हम न्याय लेकर रहेंगे।" उन्होंने राधापुर, सरगुजा से 18 जुलाई की रात 11 बजे दिल्ली के लिए प्रस्थान करने का उल्लेख भी किया था। घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है।
बीजापुर में जिला कांग्रेस कमेटी ने प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, सांसद प्रियंका गांधी तथा अन्य वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं की गिरफ्तारी के विरोध में प्रधानमंत्री और भाजपा का पुतला दहन कर प्रदर्शन किया।
जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष लालू राठौर ने कहा, "देश में लगातार हो रहे पेपर लीक और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं की आत्महत्या बेहद चिंताजनक और दुखद है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धमेन्द्र प्रधान और पूरी भाजपा इस मुद्दे पर पूरी तरह चुप्पी साधे हुए हैं। इससे साफ जाहिर होता है कि पेपर लीक में उनकी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष संलिप्तता है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इसकी पूरी ज़िम्मेदारी लेते हुए तत्काल इस्तीफा दे देना चाहिए।"बीजापुर विधायक विक्रम मंडावी ने कहा,"मोदी सरकार और भाजपा विपक्ष की आवाज को दबाने के लिए निरंतर हमले कर रही है। युवाओं के अधिकारों की मांग करने पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अन्य नेताओं को गिरफ्तार करना लोकतंत्र की हत्या की साजिश का हिस्सा है। मोदी सरकार सच बोलने की आजादी को खत्म करके देश के लोकतंत्र को समाप्त करने में लगी हुई है।"उन्होंने कहा कि कांग्रेस युवाओं के भविष्य, शिक्षा व्यवस्था की रक्षा, रोजगार और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेगी। प्रदर्शन में पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष शंकर कुड़ियम, जिला कांग्रेस उपाध्यक्ष सुखदेव नाग, जिला पंचायत सदस्य लछुराम मौर्य, जनपद पंचायत अध्यक्ष सोनू पोटाम, जिला महामंत्री पुरुषोत्तम सल्लुर, महिला कांग्रेस अध्यक्ष संजना चौहान, जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुनील उद्धे, जनपद सदस्य बोधि ताती सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी, कार्यकर्ता, छात्र और स्थानीय लोग मौजूद रहे।
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