(पंकज शर्मा से...)रायपुर , जुलाई 22 -- छत्तीसगढ की राजधानी रायपुर में नीट विवाद को लेकर बुधवार को भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस ने एक दूसरे के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। कांग्रेस ने जहां नीट परीक्षा से जुड़े मुद्दे को लेकर विरोध प्रदर्शन किया वहीं भाजपा ने प्रदेश कांग्रेस कार्यालय का घेराव किया।
राष्ट्रीय राजधानी में मंगलवार को प्रधानमंत्री आवास के बाहर कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन और नीट परीक्षा से जुड़े मुद्दे को लेकर छत्तीसगढ़ में आज राजनीतिक माहौल गरमा गया। कांग्रेस ने राज्य के अलग-अलग स्थानों पर विरोध दर्ज कराया। रायपुर में भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के आमने-सामने आने से स्थिति तनावपूर्ण बन गयी, जिसे नियंत्रित करने के लिए पुलिस को पानी की बौछार और आंसू गैस का इस्तेमाल करना पड़ा।
इसके अलावा बेमेतरा और रायगढ़ में कांग्रेस ने केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए पुतला दहन और नारेबाजी की।
राजधानी रायपुर में भाजपा के प्रदेशव्यापी विरोध कार्यक्रम के तहत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता प्रदेश कांग्रेस कार्यालय (राजीव भवन) का घेराव करने पहुंचे।
प्रदर्शन में भाजपा प्रदेशाध्यक्ष किरण सिंह देव, वित्त मंत्री ओपी चौधरी, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े तथा धरसीवां विधायक अनुज शर्मा सहित बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए।
प्रशासन ने किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए कांग्रेस कार्यालय के आसपास व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की थी। पुलिस ने कई स्थानों पर बैरिकेडिंग की और जानकारी के अनुसार 200 से अधिक पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया। प्रदर्शनकारी बैरिकेड पार कर आगे बढ़ने का प्रयास करते रहे, जबकि युवा मोर्चा और महिला मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने भी नारेबाजी की।
इस दौरान भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए। हालात बिगड़ते देख पुलिस ने पहले बीच-बचाव किया, फिर भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पानी की बौछार का इस्तेमाल किया। इसके बाद स्थिति अधिक तनावपूर्ण होने पर दो बार आंसू गैस के गोले छोड़े गए, जिससे कुछ समय के लिए अफरा-तफरी मच गई। धुएं के बीच प्रदर्शनकारी इधर-उधर भागते नजर आए और कुछ पुलिस जवान और पत्रकार भी गैस की चपेट में आ गए।
आंसू गैस से प्रभावित भाजपा प्रवक्ता उज्ज्वल दीपक ने कहा, "आंखें जल रही हैं, चेहरा जल रहा है। पुलिस का काम उन्हें रोकना है लेकिन हम लोकतंत्र की रक्षा के लिए हमेशा खड़े रहेंगे और अपना विरोध जारी रखेंगे।"बारिश के बावजूद भाजपा कार्यकर्ता बैरिकेडिंग पर चढ़कर आगे बढ़ने का प्रयास करते रहे और उन्होंने पानी की तेज बौछारों के बीच भी प्रदर्शन जारी रखा। पुलिस की बैरिकेडिंग और मार्ग परिवर्तन के कारण शंकर नगर चौक सहित आसपास के क्षेत्रों में लंबा जाम लगा और लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा। एहतियात के तौर पर यातायात पुलिस ने वैकल्पिक मार्गों को लेकर परामर्श भी जारी किया।
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष किरण सिंह देव ने कहा, "जनता और कार्यकर्ताओं में बड़ा आक्रोश है। कांग्रेस और उनके नेताओं के मन मुताबिक देश नहीं चलेगा। पूरे देश में अराजकता फैलाओगे ऐसा बिल्कुल नहीं चलेगा। अब इनकी मनमानी नहीं चलेगी। कांग्रेस संविधान की हत्या कर रही है। राहुल गांधी ने संविधान की हत्या की है। संवैधानिक पद पर रहते हुए राहुल गांधी किस योजना के तहत प्रधानमंत्री आवास का घेराव करने गए थे। इस पूरे घटनाक्रम से कांग्रेस की मंशा पर सवाल खड़े होते हैं।"वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा, "जिस तरह कांग्रेस छात्रों के मुद्दों का राजनीतिकरण कर रही है, हम उसके खिलाफ हैं। युवाओं का मुद्दा और नीट पेपर लीक का मामला अत्यंत महत्वपूर्ण मामला है। भारत सरकार संज्ञान ले रही है और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है।"उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने आरोप लगाया, "राहुल गांधी देश में अर्बन नक्सलवाद को बढ़ावा देने का काम कर रहे हैं।"पुलिस अधिकारियों के अनुसार सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी रखी गई और स्थिति पर नियंत्रण के बाद दोनों पक्षों को पीछे हटाया गया।
उल्लेखनीय है कि मंगलवार को दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास के बाहर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी तथा कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे सहित कई नेताओं ने प्रदर्शन किया था। बाद में उन्हें हिरासत में लेकर छत्रसाल स्टेडियम ले जाया गया, जहां से बाद में रिहा कर दिया गया। कांग्रेस का कहना है कि 20 जुलाई को छात्रों के साथ हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में यह आंदोलन किया गया था। इसी घटनाक्रम के विरोध और समर्थन में छत्तीसगढ़ में भी राजनीतिक गतिविधियां तेज रहीं।
इसके अलावा बेमेतरा जिला मुख्यालय में कांग्रेस ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ कथित दुर्व्यवहार के विरोध में धरना-प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में एकत्रित कांग्रेस पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ दुर्व्यवहार लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है।
प्रदर्शन के दौरान जब कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार का पुतला दहन करने का प्रयास किया, तब पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की। इस दौरान पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच जमकर धक्कामुक्की हुई और कुछ देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। पुलिस ने हालांकि स्थिति को नियंत्रित कर लिया और किसी बड़ी अप्रिय घटना की सूचना नहीं है।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि छात्रों की आवाज दबाने का प्रयास किया जा रहा है, जो लोकतंत्र के मूल सिद्धांतों के खिलाफ है। उन्होंने छात्रों के सम्मान, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की रक्षा तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग दोहराई।
राज्य के रायगढ़ में जिला कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में नीट परीक्षा पेपर लीक मामले को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। तेज बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में कार्यकर्ता सड़क पर उतरे और प्रधानमंत्री का पुतला दहन कर नारेबाजी की।
रायगढ़ कांग्रेस जिला अध्यक्ष ने कहा कि नीट परीक्षा में हुई कथित अनियमितताओं ने लाखों छात्रों के भविष्य पर सवाल खड़े कर दिए हैं, इसलिए मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। साथ ही केंद्र के शिक्षा मंत्री से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की भी मांग की गई।
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