भोपाल , मई 12 -- अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) ने नीट-यूजी 2026 परीक्षा रद्द किए जाने के निर्णय का स्वागत करते हुए कहा है कि इससे अभ्यर्थियों को न्याय मिलने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।

अभाविप ने जारी विज्ञप्ति में कहा कि नीट-यूजी परीक्षा में सामने आए कथित पेपर लीक और अनियमितताओं की जांच केंद्र सरकार द्वारा केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपना उचित और आवश्यक निर्णय है। संगठन ने कहा कि वह प्रारंभ से ही पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग कर रहा था।

विज्ञप्ति में कहा गया कि जांच के दौरान सामने आने वाले साक्ष्य, नेटवर्क और दोषियों की जानकारी सार्वजनिक की जानी चाहिए, ताकि राष्ट्रीय परीक्षाओं में सक्रिय शिक्षा माफिया और भ्रष्ट तंत्र का पूरी तरह खुलासा हो सके। संगठन ने कहा कि विद्यार्थियों के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी स्तर पर संरक्षण नहीं मिलना चाहिए तथा सभी दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए।

अभाविप ने कहा कि लगातार विभिन्न राष्ट्रीय परीक्षाओं में सामने आ रही गड़बड़ियां राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्न खड़े करती हैं। वर्षभर कठिन परिश्रम करने वाले विद्यार्थियों के साथ इस प्रकार की घटनाएं होना दुर्भाग्यपूर्ण है।

संगठन ने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए एनटीए के महानिदेशक से तत्काल इस्तीफे की मांग की है। साथ ही परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए एनटीए की भूमिका और संरचना की व्यापक समीक्षा की आवश्यकता बताई है।

अभाविप ने कहा कि विद्यार्थियों के हितों की रक्षा, पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था और दोषियों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई के लिए शिक्षा माफिया के पूरे नेटवर्क को समाप्त करना आवश्यक है। संगठन ने विद्यार्थियों के समर्थन में संघर्ष जारी रखने की बात कही है।

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