भोपाल , जून 16 -- मध्यप्रदेश में 21 जून को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट-यूजी) 2026 के सुरक्षित, पारदर्शी और निष्पक्ष संचालन को लेकर पुलिस मुख्यालय में व्यापक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा ने सभी जिला पुलिस अधीक्षकों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से तैयारियों की समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

पुलिस मुख्यालय से जारी विज्ञप्ति के अनुसार श्री मकवाणा ने कहा कि परीक्षा की विश्वसनीयता बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रश्नपत्रों के प्राप्त होने से लेकर सुरक्षित भंडारण, परीक्षा केंद्रों तक परिवहन तथा परीक्षा समाप्ति के बाद उत्तर पुस्तिकाओं एवं अन्य गोपनीय सामग्री की सुरक्षित वापसी तक पूरी प्रक्रिया को त्रुटिरहित और सुरक्षित बनाया जाए।

उन्होंने सभी जिलों में पुलिस, जिला प्रशासन, राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी, शिक्षा विभाग, बैंकिंग संस्थाओं तथा अन्य संबंधित एजेंसियों के बीच प्रभावी समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही सभी पुलिस अधीक्षकों से 20 जून तक परीक्षा केंद्रों, प्रश्नपत्र भंडारण स्थलों और संबंधित बैंकों का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा करने को कहा।

बैठक में परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे, डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर, सुरक्षा बलों की तैनाती, अभ्यर्थियों की प्रवेश व्यवस्था, यातायात प्रबंधन और आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र की भी समीक्षा की गई। पुलिस अधीक्षकों को प्रत्येक परीक्षा केंद्र का व्यक्तिगत निरीक्षण कर सभी व्यवस्थाएं समय रहते सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

श्री मकवाणा ने कहा कि साइबर माध्यमों से होने वाली अवैध गतिविधियों पर निगरानी के लिए प्रदेश में 38 साइबर कमांडो सक्रिय रहेंगे। पेपर लीक, अफवाहों और अनुचित साधनों के उपयोग को रोकने के लिए सोशल मीडिया गतिविधियों पर सतत निगरानी रखने तथा पूर्व में परीक्षा संबंधी अपराधों में संलिप्त व्यक्तियों और संदिग्ध तत्वों पर विशेष नजर रखने के निर्देश भी दिए गए हैं।

उन्होंने परीक्षा से संबंधित अफवाहों, भ्रामक सूचनाओं और पेपर लीक संबंधी दुष्प्रचार पर त्वरित कार्रवाई करने तथा ''पेपर लीक के प्रति शून्य सहिष्णुता'' की नीति अपनाने पर जोर दिया। साथ ही परीक्षा अवधि के दौरान होटल, लॉज, कोचिंग संस्थानों और अन्य संवेदनशील स्थानों की आवश्यक जांच करने तथा अंतिम 72 घंटों के दौरान विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश भी दिए।

बैठक में बताया गया कि मध्यप्रदेश में 283 परीक्षा केंद्रों पर लगभग एक लाख 18 हजार अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल होंगे। इंदौर, भोपाल, ग्वालियर और जबलपुर में सर्वाधिक परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं।

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