नयी दिल्ली , जुलाई 21 -- संसद के दोनों सदनों में विपक्षी सदस्यों ने नीट यूजी पेपर लीक के खिलाफ और शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए संसद मार्च कर रहे प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई के मुद्दे पर लगातार दूसरे दिन मंगलवार को भी हंगामा किया जिसके कारण राज्यसभा और लोकसभा की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित करनी पड़ी जिससे कोई विधायी कामकाज नहीं हो सका।

विपक्ष ने इस मुद्दे पर चर्चा कराने की मांग को लेकर दोनों सदनों में आज भी जोरदार हंगामा किया जिसके कारण राज्यसभा और लोकसभा की कार्यवाही दो-दो बार के स्थगन के बाद बिना किसी विधायी कामकाज के दिन भर के लिए स्थगित कर दी गयी। मानसून सत्र के पहले दिन सोमवार को भी इस मुद्दे पर हंगामे के कारण संसद में कोई विधायी कामकाज नहीं हो सका था।

राज्यसभा में सुबह सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष ने यह मुद्दा उठाया। नेता विपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रदर्शनकारी छात्रों पर लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले छोड़े जाने का मुद्दा उठाते हुए इसे दर्दनाक घटना बताया। उनके यह मामला उठाते ही सत्तापक्ष के सदस्यों ने जोर-जोर से बोलना शुरू कर दिया जिससे विपक्षी सदस्यों के साथ उनकी नोंक-झोंक शुरू हो गयी। सदन में अव्यवस्था की स्थिति देखते हुए सभापति ने सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।

इसके बाद इसी मुद्दे पर हंगामे के चलते सदन की कार्यवाही पहले दो बजे तक और फिर दिन भर के लिए स्थगित कर दी गयी। इससे लगातार दूसरे दिन कोई काम नहीं हो सका। सदन की कार्यसूची में पिछले दो दिन से राष्ट्र गीत वंदेमातरम के अपमान से संबंधित "राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक, 2026" सूचीबद्ध है लेकिन सदन की कार्यवाही ठप होने के कारण इसे पेश नहीं किया जा सका है।

लोकसभा में भी सुबह अध्यक्ष ओम बिरला ने जैसे ही सदन की कार्यवाही शुरू की कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, द्रविड़ मुनेत्र कषगम, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी तथा अन्य विपक्षी दलों के सदस्य नीट पेपर लीक और अन्य मुद्दों को लेकर नारेबाजी करने लगे। श्री बिरला ने सदस्यों से प्रश्नकाल चलने देने में सहयोग की अपील करते हुए कहा कि प्रश्नकाल सदस्यों के लिए सरकार से जवाब मांगने का महत्वपूर्ण अवसर होता है, लेकिन हंगामा जारी रहने पर उन्होंने सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी।

इसके बाद लोकसभा की कार्यवाही भी इसी मुद्दे पर विपक्ष के हंगामे के चलते पहले दो बजे तक और फिर दिन भर के लिए स्थगित कर दी गयी। विपक्षी सदस्यों ने तख्तियां और बैनर लेकर सदन के बीचोंबीच नारेबाजी की। इस मुद्दे पर विपक्ष के हंगामे के कारण लोकसभा में भी मानसून सत्र के पहले दो दिन कोई विधायी कामकाज नहीं हो सका।

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