नयी दिल्ली , मई 23 -- मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) की केंद्रीय समिति ने नीट परीक्षा पेपर लीक मामले को लेकर केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) को खत्म करने तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धमेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की है।
यहां सुरजीत भवन में 22 से 24 मई तक आयोजित केंद्रीय समिति की बैठक में पार्टी ने सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित कर नीट परीक्षा में हुई कथित धांधली की कड़ी निंदा की।
पार्टी ने कहा कि 2017 में एनटीए के गठन के बाद से कम से कम चार बार परीक्षा पेपर लीक के मामले सामने आ चुके हैं, जिससे एजेंसी की विश्वसनीयता पूरी तरह खत्म हो गई है।
माकपा ने आरोप लगाया कि एनटीए के माध्यम से परीक्षा प्रणाली छात्रों के लिए असमान और परेशान करने वाली बन गई है, जबकि जवाबदेही लगभग न के बराबर है। पार्टी ने एनटीए को तत्काल भंग करने और परीक्षा संचालन की जिम्मेदारी संबंधित सरकारी संस्थानों को सौंपने की मांग की।
माकपा ने एनटीए निदेशक के उस बयान को भी "सच्चाई छिपाने का प्रयास" बताया, जिसमें कहा गया था कि नीट - यूजी का पेपर "सिस्टम के जरिए लीक नहीं हुआ।" पार्टी ने आरोप लगाया कि शुरुआती रिपोर्टों में आरोपियों के सत्तारूढ़ दल से राजनीतिक संबंध सामने आए हैं, जिसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
पार्टी ने कहा कि लगभग 22 लाख छात्र और उनके परिवार इस मामले से मानसिक और आर्थिक दबाव झेल रहे हैं। साथ ही सीबीएसई की ऑन स्क्रीन मार्किंग व्यवस्था को भी अव्यवस्थित बताते हुए 17 लाख छात्रों के भविष्य पर खतरा बताया गया।
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