हैदराबाद , जुलाई 24 -- वामपंथी और अन्य छात्र संगठनों ने नीट पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर शुक्रवार को यहां विशाल विरोध रैली निकाली।

रैली का आह्वान अखिल भारतीय छात्र संगठन (एआईएसएफ), भारतीय छात्र संगठन (एसएफआई), भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई), प्रोग्रेसिव डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स यूनियन (पीडीएसयू), ऑल इंडिया फेडरेशन ऑफ डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स (एआईएफडीएस), ऑल इंडिया प्रोग्रेसिव स्टूडेंट्स यूनियन (एआईपीएसयू) और ऑल इंडिया स्टूडेंट्स ब्लॉक (एआईएसबी) ने मिलकर किया था। विरोध प्रदर्शन में छात्र कार्यकर्ताओं ने नारायणगुड़ा के महाविद्यालयों को बंद कराया और नारायणगुड़ा चौराहे से वाई-जंक्शन तक रैली तथा मानव शृंखला का आयोजन किया।

सभा को संबोधित करते हुए छात्र नेताओं ने नीट पेपर लीक के लिए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को नैतिक रूप से जिम्मेदार ठहराते हुए उनके तत्काल इस्तीफे की मांग की। उन्होंने पेपर लीक के जिम्मेदार लोगों की गिरफ्तारी, जान गंवाने वाले छात्रों के परिवारों को एक करोड़ रुपये की अनुग्रह राशि देने और परीक्षा की अनियमितताओं में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की भी मांग की।

प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं के संचालन को लेकर केंद्र सरकार की आलोचना की और नीट परीक्षा आयोजित करने की जिम्मेदारी राज्य सरकारों को सौंपने की मांग की। उन्होंने दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज और आंसू गैस के इस्तेमाल सहित पुलिस की कथित कार्रवाई की भी निंदा की तथा राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) भंग करने की मांग की।

छात्र नेताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की नीतियां शिक्षा व्यवस्था को नुकसान पहुंचा रही हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक पेपर लीक के जिम्मेदार लोगों को न्याय के कटघरे में नहीं लाया जाता, तब तक तेलंगाना के सभी जिलों में आंदोलन को और तेज किया जायेगा।

विरोध प्रदर्शन में एआईएसएफ, एसएफआई, पीडीएसयू, एआईएफडीएस, एआईएसबी, एआईपीएसयू, एआईवाईएफ और डीवाईएफआई के प्रतिनिधियों सहित कई छात्र और युवा नेताओं ने हिस्सा लिया।

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