जयपुर , मई 13 -- राष्ट्रीय योग्यता सह प्रवेश परीक्षा-यूजी ( नीट-यूजी 2026) का पेपर लीक के बाद परीक्षा रद्द के विरोध में राजस्थान में कांग्रेस ने प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर जिला कांग्रेस कमेटियों द्वारा केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तथा नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) को भंग करने की मांग करते हुए विरोध-प्रदर्शन किया ।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के निर्देशानुसार यह विरोध प्रदर्शन किया गया जिसमें श्री प्रधान का पुतला जलाया गया। इस अवसर पर श्री डोटासरा में आरोप लगाते हुए कहा कि देश में नीट की परीक्षा सबसे महत्वपूर्ण परीक्षाओं में से एक है और वर्ष 2024-2025 के साथ ही वर्ष 2026 की परीक्षा का भी पेपर लीक हुआ है जिससे देश भर के 22 लाख से अधिक छात्र-छात्राओं के भविष्य के साथ केंद्र सरकार ने खिलवाड़ करने का काम किया है।
श्री डोटासरा ने कहा कि जो एक संस्था एनजीओ है और भारतीय जनता पार्टी के लिए कार्य करती है उसे इतनी बड़ी परीक्षा आयोजित करने की जिम्मेदारी दी हुई है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) द्वारा कराई गई परीक्षाओं में अधिकांश परीक्षाओं के पेपर लीक हुए और परीक्षाएं भी निरस्त हुई लेकिन एनटीए के विरूद्ध ना तो कोई ठोस कार्रवाई केंद्र सरकार ने की और ना ही कार्य प्रणाली में सुधार के लिए कदम उठाए।
उन्होंने कहा कि इस मामले में सीबीआई जांच निष्पक्षता के साथ होनी चाहिए क्योंकि यदि पिछली परीक्षा के समय सीबीआई से जांच हो जाती तो इस बार 22 लाख बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ नहीं होता। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि राजस्थान में पेपर लीक की जानकारी मिलने पर भी केवल राजस्थान सरकार को बदनामी से बचाने के लिए प्राथमिकी दर्ज नहीं हुई।
श्री डोटासरा ने कहा कि प्रकरण में गिरफ्तार मास्टरमाइंड का भाजपा से संबंध पूरी तरह उजागर हो चुका है और बड़े-बड़े नेताओं के साथ उनके संबंध सामने आए हैं ऐसी स्थिति में ज्वाइंट पार्लियामेंट्री कमेटी अथवा उच्चत्तम न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश से जांच कराया जाना आवश्यक है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित