भोपाल , मई 12 -- राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) ने नीट परीक्षा रद्द होने के विरोध में आज मंगलवार को भोपाल में प्रदर्शन कर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) के अध्यक्ष प्रदीप जोशी का पुतला दहन किया।
प्रदर्शन का नेतृत्व एनएसयूआई के प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार ने किया। इस दौरान बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं और संगठन के कार्यकर्ता शामिल हुए।
प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि प्रतिवर्ष नीट जैसी महत्वपूर्ण परीक्षा में गड़बड़ियां और पेपर लीक की घटनाएं सामने आती हैं, जिससे लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित होता है। उनका कहना था कि देशभर में लगभग 30 लाख छात्र-छात्राएं इस परीक्षा की तैयारी करते हैं, लेकिन परीक्षा रद्द होने से उन्हें मानसिक और शैक्षणिक नुकसान उठाना पड़ता है।
रवि परमार ने कहा कि मेडिकल क्षेत्र की प्रतिष्ठित परीक्षा नीट में इस वर्ष भी पेपर लीक की घटना सामने आई है, जिससे बड़ी संख्या में छात्र प्रभावित हुए हैं। उन्होंने मांग की कि पूरे मामले की जांच उच्चतम न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में गठित न्यायिक समिति से कराई जाए।
एनएसयूआई के भोपाल जिला अध्यक्ष अक्षय तोमर ने आरोप लगाया कि शिक्षा माफिया द्वारा हर वर्ष परीक्षा प्रक्रिया को प्रभावित किया जाता है, जिससे मेहनत करने वाले छात्र-छात्राओं को नुकसान उठाना पड़ता है। उन्होंने कहा कि परीक्षा रद्द होने से विद्यार्थियों पर मानसिक दबाव बढ़ता है और कई छात्र अवसाद की स्थिति में पहुंच जाते हैं। प्रदर्शन के दौरान जिला उपाध्यक्ष लकी चौबे, अमित हटिया, अनिमेष गोंडली सहित एनएसयूआई के अनेक कार्यकर्ता, नीट अभ्यर्थी और पुलिसकर्मी उपस्थित रहे।
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