नैनीताल , मई 12 -- उत्तराखंड में कांग्रेस नेता यशपाल आर्य ने नीट यूजी परीक्षा रद्द होने को करोड़ों युवाओं के सपनों के साथ क्रूर मजाक करार देते हुए केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि पेपर लीक होना केवल प्रशासनिक विफलता नहीं बल्कि 23 लाख छात्रों और उनके परिवारों के भविष्य पर सीधा प्रहार है।
उत्तराखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष ने मंगलवार को कहा कि पर्वतीय राज्य सहित पूरे देश में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक के मामले यह साबित करते हैं कि भाजपा सरकारें युवाओं के भविष्य को सुरक्षित रखने में पूरी तरह विफल रही हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या सरकार के पास इतनी भी प्रशासनिक क्षमता, इच्छाशक्ति और जवाबदेही नहीं बची है कि एक सामान्य परीक्षा को निष्पक्ष और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराया जा सके।
श्री आर्य ने आरोप लगाया कि लगातार हो रहे पेपर लीक ने सरकार की नीति और नीयत दोनों को कठघरे में खड़ा कर दिया है। हर बार दिखावटी जांच, बड़ी घोषणाएं और खोखले आश्वासन दिए जाते हैं लेकिन परिणाम शून्य रहता है। उन्होंने कहा कि सरकार को औपचारिकताओं से बाहर निकलकर आत्मनिरीक्षण करना चाहिए और यह सवाल स्वयं से पूछना चाहिए कि क्या वह देश के युवाओं के साथ न्याय कर रही है।
उन्होंने कहा कि परीक्षा रद्द होने के कारण अब 23 लाख छात्र दोबारा परीक्षा देने को मजबूर होंगे और देश के 552 शहरों में स्थित परीक्षा केंद्रों तक फिर यात्रा करेंगे। इससे करोड़ों रुपये का अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ेगा, लाखों लीटर पेट्रोल-डीजल की अतिरिक्त खपत होगी तथा छात्रों और अभिभावकों को मानसिक, शारीरिक और आर्थिक परेशानी झेलनी पड़ेगी।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि देश का युवा अब जवाब मांग रहा है कि आखिर कब तक उनके सपनों को "पेपर लीक माफिया" और सरकारी लापरवाही की भेंट चढ़ाया जाता रहेगा। उन्होंने कहा कि सरकार को इसकी राजनीतिक और नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करनी होगी।
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