चंडीगढ़ , जुलाई 30 -- पंजाब सरकार ने 'पंजाब शिक्षा क्रांति' के तहत सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों द्वारा जेईई (मुख्य), जेईई (एडवांस) और नीट-यूजी 2026 में हासिल की गयी उल्लेखनीय सफलता के लिए 300 से अधिक सरकारी स्कूलों के प्रधानाचार्यों को सम्मानित किया। मोहाली क्लब (एसएएस नगर) में गुरुवार को आयोजित समारोह में शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस और दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं आम आदमी पार्टी के पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया ने प्रधानाचार्यों को सम्मानित किया।

श्री बैंस ने कहा कि पंजाब के सरकारी स्कूलों ने इस वर्ष राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में नया इतिहास रचा है। उन्होंने बताया कि जेईई (मुख्य) 2026 में 361 विद्यार्थियों ने सफलता हासिल की, जो पिछले वर्ष की तुलना में 35.2 प्रतिशत अधिक है। जेईई (एडवांस) में 64 विद्यार्थी सफल हुए, जो पिछले वर्ष के मुकाबले 45.5 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। उन्होंने बताया कि नीट-यूजी 2026 में 882 सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों ने सफलता प्राप्त की। वर्ष 2025 में यह संख्या 847 और 2024 में 437 थी। मात्र दो वर्षों में यह आंकड़ा दोगुना होने को उन्होंने 'पंजाब शिक्षा क्रांति' का परिणाम बताया।

श्री बैंस ने कहा कि सरकारी स्कूलों के 10 विद्यार्थियों का चयन भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (आईआईटी), 36 विद्यार्थियों का राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (एनआईटी) तथा 90 से अधिक विद्यार्थियों का देश के सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों में हुआ है। इससे साबित होता है कि पंजाब के सरकारी स्कूल अब देश के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों तक विद्यार्थियों को पहुंचा रहे हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2022 में सरकारी स्कूलों से 80 से भी कम विद्यार्थी इन परीक्षाओं में सफल होते थे, जबकि आज पंजाब के हर जिले से 882 विद्यार्थियों ने नीट परीक्षा पास की है। उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय शिक्षकों और प्रधानाचार्यों की मेहनत, समर्पण और प्रतिबद्धता को दिया।

शिक्षा मंत्री ने कहा कि किसी भी स्कूल की सफलता में प्रधानाचार्य की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है। एक अच्छा प्रधानाचार्य साधारण स्कूल को भी उत्कृष्ट शिक्षण संस्थान में बदल सकता है। उन्होंने बताया कि स्कूल शिक्षा विभाग ने जून 2026 में अमृतसर, बठिंडा, जालंधर और मोहाली में चार बड़े आवासीय कोचिंग शिविर आयोजित किये, जिनमें करीब 3,000 विद्यार्थियों को जेईई और नीट की तैयारी के लिए विशेषज्ञ मार्गदर्शन, मॉक टेस्ट और मेंटरिंग उपलब्ध करायी गयी।

समारोह को संबोधित करते हुए श्री सिसोदिया ने कहा कि केवल इमारत बनने से स्कूल नहीं बनता, बल्कि शिक्षक उसे शिक्षा का मंदिर बनाते हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब शिक्षा क्रांति के तहत सरकारी स्कूलों में आधुनिक बुनियादी ढांचे के साथ-साथ गुणवत्तापूर्ण कोचिंग, मेंटरिंग और शैक्षणिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे सरकारी स्कूलों के विद्यार्थी अब आईआईटी, एनआईटी और मेडिकल कॉलेजों तक पहुंच रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज लाखों विद्यार्थियों के लिए सरकारी स्कूल किसी मजबूरी का नहीं, बल्कि बेहतर भविष्य का माध्यम बन चुके हैं।

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