, May 17 -- सिरसा, 17 मई (देवेन्द्र उप्पल) कांग्रेस की सांसद कुमारी सैलजा ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) के पेपर लीक और अव्यवस्थाओं को देश के करोड़ों विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करार दिया है और कहा है कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार की गलत नीतियों और शिक्षा व्यवस्था में बढ़ते भ्रष्टाचार ने मेहनती विद्यार्थिियों और उनके परिवारों के सपनों को तोड़ दिया है।

श्रीमती सैलजा ने रविवार को यहां जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि 22 लाख से अधिक छात्र-छात्राओं ने कठिन मेहनत के साथ परीक्षा दी, लेकिन लगातार सामने आ रहे पेपर लीक और गड़बडिय़ों ने पूरी परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। उन्होंने कहा कि यह केवल एक परीक्षा का मामला नहीं, बल्कि देश के युवाओं के भविष्य और उनके विश्वास का प्रश्न है। उन्होंने कहा कि इस पूरे घटनाक्रम से देश स्तब्ध है और कई विद्यार्थियों के आत्महत्या जैसे दुखद कदम उठाने की खबरें अत्यंत पीड़ादायक और चिंताजनक हैं। सरकार की जवाबदेही तय होना आवश्यक है।

सांसद ने केंद्र सरकार से मांग की कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की जवाबदेही तय की जाए और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) की कार्यप्रणाली की निष्पक्ष जांच कर कठोर कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) जांच से बचने का प्रयास कर रही है, जबकि देश का युवा पारदर्शिता और न्याय चाहता है।

उन्होंने मांग की कि प्रभावित छात्रों को उचित न्याय और मुआवजा दिया जाए तथा प्रधानमंत्री इस गंभीर मुद्दे पर अपनी चुप्पी तोडक़र देश के युवाओं के सामने स्पष्ट जवाब रखें। उन्होंने कहा कि युवा कांग्रेस और देशभर के छात्रों द्वारा उठाई जा रही आवाज वास्तव में देश के करोड़ों युवाओं की आवाज है। अब देश का युवा जवाब मांग रहा है और कांग्रेस पार्टी छात्रों के हितों की लड़ाई पूरी मजबूती से लड़ती रहेगी।

सांसद ने कहा कि नीट यूजी 2024 भी देशभर में भारी विवादों में रहा। बिहार की आर्थिक अपराध इकाई ने जांच के दौरान जली हुई कॉपियों से 68 सवाल रिकवर किए थे जो असली प्रश्न पत्र से मेल खाते पाए गए थे। सवालों के क्रमांक तक एक जैसे थे। जांच में झारखंड के हजारीबाग स्थित स्कूल का नाम सामने आया था। रिपोर्ट में दावा किया गया था कि प्रश्न पत्र वाले एक पैकेट को निर्धारित जगह से अलग तरीके से खोला गया था। बाद में मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपी गयी। इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में भी कई याचिकाएं दाखिल हुई थी। कुछ छात्रों ने परीक्षा रद्द करने की मांग की थी तो कुछ ने दोबारा परीक्षा करवाने का विरोध किया था।

2021 में सॉल्वर गैंग का हुआ था खुलासासांसद ने कहा कि वर्ष 2021 में नीट यूजी परीक्षा में प्रॉक्सी कैंडिडेट बैठाने का मामला सामने आया था। सीबीआई ने नागपुर के एक कोचिंग संस्थान और उसके संचालकों के खिलाफ केस दर्ज किया था। आरोप था कि कुछ छात्रों के परिवारों से मोटी रकम लेकर उनकी जगह दूसरे अभ्यर्थियों को परीक्षा में बैठाया गया। जांच में दिल्ली और रांची के परीक्षा केंद्रों से जुड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ था। सीबीआई ने कई आरोपियों को गिरफ्तार किया था, जबकि कुछ आरोपी लंबे समय तक फरार रहे।

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