नयी दिल्ली , जुलाई 23 -- नीट पेपर लीक के विरोध में और शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर संसद मार्च निकालने वाले छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के मुद्दे पर चर्चा की मांग कर रहे विपक्ष ने लगातार तीसरे दिन बुधवार को भी राज्यसभा में जोरदार हंगामा किया। इसके कारण सदन की कार्यवाही तीन बार के स्थगन के बाद दिन भर के लिए स्थगित करनी पड़ी।
संसद के मानसून सत्र का आज तीसरा दिन था और कार्यवाही में व्यवधान के कारण अब तक सदन में कोई विधायी कामकाज नहीं हो सका है। दूसरी बार के स्थगन के बाद तीन बजे जब सदन दोबारा समवेत हुआ तो उप सभापति हरिवंश ने द्रविड़ मुनेत्र कषगम के तिरूचि शिवा को बोलने का मौका दिया।
श्री शिवा ने कहा कि उन्होंने छात्रों पर कार्रवाई के मुद्दे पर चर्चा कराने के लिए नियम 267 के तहत नोटिस दिया और यह विरल मामला है। सरकार ने भी स्वयं आश्वासन दिया है कि सरकार चर्चा के लिए तैयार है और विपक्ष भी चर्चा चाहता है। उप सभापति ने कहा कि नेता विपक्ष , नेता सदन और संसदीय कार्य मंत्री सभी ने इस बारे में अपनी बात रखी है और आसन चाहता है कि सदन चर्चा के बारे में सहमति बनायें और सहमति के आधार पर ही चर्चा हो।
संसदीय कार्य मंत्री किरेण रिजिजू ने कहा कि सरकार चर्चा के लिए तैयार है लेकिन कांग्रेस पार्टी शर्त लगा रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस बाहर गलत संदेश दे रही है और चर्चा नहीं होने देने के लिए बहाना लेकर आयी है। उन्होंने कहा कि नेता विपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे अनुभवी हैं लेकिन कांग्रेस चर्चा के लिए शर्त लेकर आयी है। अब आसन इस बारे में निर्णय ले और हम चर्चा के लिए तैयार हैं ।
श्री खरगे ने कहा कि आसन ने कहा है कि विरले मामले में ही नियम 267 पर चर्चा का निर्णय लिया जाता है और इससे ज्यादा दुर्लभ मामला क्या होगा जब बच्चों और महिलाओं पर लाठीचार्ज किया जाता है।
इस बीच विपक्ष के सदस्य जोर-जोर से बोलने लगे और अव्यवस्था की स्थिति बनते देख उप सभापति ने सदन की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित कर दी। इससे पहले भी इसी मुद्दे पर विपक्ष के हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही पहले बारह बजे तक , फिर दो बजे और फिर तीन बजे तक स्थगित करनी पड़ी थी।
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