हैदराबाद , मई 12 -- भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामा राव ने मंगलवार को नीट (एनईईटी) के प्रश्नपत्र के कथित लीक होने को लेकर केंद्र सरकार की कड़ी आलोचना की और कहा कि यह शर्म की बात है कि व्यवस्था की विफलता की वजह से परीक्षा को रद्द करना पड़ा।

श्री रामाराव ने एक बयान में कहा कि केंद्र ने उन लाखों छात्रों के "जीवन के साथ खिलवाड़" किया है जिन्होंने परीक्षा के लिये अथक तैयारी की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि बार-बार होने वाली प्रश्नपत्र लीक की घटनाएं राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन(राजग) सरकार की परीक्षाओं को सुरक्षित और त्रुटिहीन तरीके से आयोजित करने में असमर्थता को दर्शाती हैं। वर्ष 2024 के पिछले नीट विवाद का संदर्भ देते हुये उन्होंने कहा कि पिछली घटना से कोई सबक नहीं सीखा गया। इसी वजह से इस वर्ष एक और बड़ी विफलता सामने आयी। उन्होंने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) में बार-बार होने वाली अनियमितताओं को छात्र समुदाय के लिए एक अभिशाप बताया।

उन्होंने कहा कि परीक्षा से एक दिन पहले 100 से अधिक प्रश्नों के लीक होने से व्यवस्था की गंभीर खामियां उजागर कर दीं और देश भर के लगभग 23 लाख छात्रों और उनके माता-पिता को भारी मानसिक कष्ट पहुंचाया। उन्होंने तत्काल कार्रवाई की मांग करते हुये केंद्र सरकार से इस मुद्दे की उच्च स्तरीय जांच का आदेश देने का आग्रह किया। उन्होंने यह सुनिश्चित करने को कहा कि कथित साजिश में शामिल सभी लोगों, चाहे वे कितने भी प्रभावशाली क्यों न हों, उनकी पहचान की जाये और उन्हें कड़ी सजा दी जाये।

बीआरएस नेता ने छात्रों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए जल्द से जल्द पूरी तरह सुरक्षित और पुख्ता तरीके से नीट परीक्षा दोबारा आयोजित करने की मांग की। उन्होंने आगे मांग की कि केंद्र सरकार इस घटना की जिम्मेदारी ले और छात्रों तथा अभिभावकों को हुई परेशानी के लिए उनसे माफी मांगे।

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