पटना , फरवरी 26 -- बिहार की राजधानी पटना के चित्रगुप्त नगर थाना क्षेत्र स्थित एक हॉस्टल में रहकर नीट की तैयारी कर रही छात्रा की संदिग्ध मौत के मामले में गुरूवार को बालकों का लैंगिक अपराध से संरक्षण अधिनियम (पॉक्सो एक्ट) की विशेष अदालत ने मामले के अनुसंधानकर्ताओं से मामले में की गई क्रमवार जांच रिपोर्ट की मांग की।

पॉक्सो एक्ट के विशेष न्यायाधीश राजीव रंजन रमन की अदालत में मामले के जेल में बंद अभियुक्त एवं शंभू गर्ल्स हॉस्टल के मालिक मनीष कुमार रंजन की नियमित जमानत याचिका पर सुनवाई हो रही थी। सुनवाई के दौरान अभियुक्त के वकील ने कहा कि बिना किसी आधार के 15 जनवरी 2026 से उनका मुवक्किल जेल में है। विशेष लोक अभियोजक सुरेश चंद्र प्रसाद एवं सूचक के अधिवक्ता एस के पांडे ने जमानत अर्जी का विरोध किया था। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद मामले के अनुसंधान कर्ताओं से इस मुकदमे में क्रमवार की गई जांच रिपोर्ट अदालत के समक्ष पेश करने का आदेश दिया। जमानत अर्जी पर अगली सुनवाई 28 फरवरी 2026 को होगी।

गौरतलब है कि 09 जनवरी 2026 को पटना के चित्रगुप्त थाने की पुलिस ने मृतका शिवानी कुमारी( परिवर्तित नाम) के पिता के फर्द बयान एक मुकदमा दर्ज किया था । आरोप के अनुसार मृतका अपने हॉस्टल में बेहोश पाई गई थी। मृतका के पिता ने अपनी पुत्री के शरीर पर चोट का निशान पाए जाने की बात कही थी साथ ही उसके साथ शारीरिक संबंध बनाने का प्रयास किए जाने का भी शक जाहिर किया था। बाद में इलाज के दौरान छात्रा की मृत्यु हो गई थी। छात्रा की मृत्यु को लेकर काफी हंगामा हुआ था । पटना से लेकर दिल्ली तक धरना एवं प्रदर्शन हुए थे। बाद में बिहार सरकार ने मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को सौंप दी थी। सीबीआई अपनी प्राथमिकी दर्ज कर जांच कर रही है। छात्रा नाबालिग थी, इसलिए मामले की सुनवाई पॉक्सो एक्ट की विशेष अदालत में हो रही है।

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