मोगा , जुलाई 23 -- पंजाब में अधिक से अधिक कृषि भूमि को नहर की सिंचाई से जोड़ने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार ने नहरों, जलमार्गों (वाटरकोर्स) और पाइपलाइन नेटवर्क के विस्तार का अभियान तेज कर दिया है।

इसका उद्देश्य किसानों की ट्यूबवेल पर निर्भरता कम करना और अधिक से अधिक खेतों तक नहर का पानी पहुंचाना है। इसी अभियान के तहत जल संसाधन मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने गुरुवार को मोगा जिले के निहाल सिंह वाला विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न गांवों में 83.64 करोड़ रुपये की लागत वाली नहरी सिंचाई परियोजनाओं का उद्घाटन किया।

उन्होंने बताया कि इस परियोजना के तहत 316 किलोमीटर लंबे वाटरकोर्स और पाइपलाइन नेटवर्क का निर्माण किया जा रहा है, जिससे 56 गांवों की लगभग 25,872 एकड़ कृषि भूमि को सीधे नहरी सिंचाई का लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि इससे किसानों को सस्ती, भरोसेमंद और समय पर सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी तथा भूजल के अत्यधिक दोहन पर भी रोक लगेगी।

श्री गोयल ने कहा कि मान सरकार राज्य के हर संभव खेत तक नहरी पानी पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि खेती को अधिक लाभकारी, टिकाऊ और पर्यावरण के अनुकूल बनाया जा सके। उन्होंने कहा कि नहरी सिंचाई के विस्तार से किसानों की सिंचाई लागत कम होगी, बिजली की बचत होगी और भूजल संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।

उन्होंने बताया कि रौके कलां गांव में 20 वाटरकोर्स और पाइपलाइन परियोजनाओं का शुभारंभ किया गया है। लगभग 36.84 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना के तहत 42.27 किलोमीटर पाइपलाइन और 95.85 किलोमीटर वाटरकोर्स बनाये जाएंगे। इससे 22 गांवों की 10,340 एकड़ भूमि नहरी सिंचाई के दायरे में आएगी।

इन गांवों में रौके कलां, बीर रौके, बधनी कलां, बीर बधनी, कोकरी कलां, नथूवाला जदीद, झंडेवाला शर्की, पट्टो जवाहर सिंह वाला, अजीतवाल, कोकरी फूला सिंह, बुट्टर, धुरकोट कलां, धुरकोट तहली, रानियां, रौंता, पुरानेवाला, किशनगढ़, चौगावां, नंगल, बौड़े और रामूवाला कलां शामिल हैं।

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