अलवर , मार्च 18 -- हाल ही में यूपीएससी- 2021 के परिणाम घोषित हुए उसमें रैंक 899 पर निशांत कुमार नाम के युवा का चयन हुआ जिसके बाद राजस्थान में कोटपूतली बहरोड जिले के बानसूर में रहने वाले निशांत कुमार ने खुद के चुने जाने का दावा करते हुए गांव एवं परिवार में मिठाई बांटी थी।

प्राप्त जानकारी के अनुसार गांव में भी उसको बधाई देने का सिलसिला शुरू हो गया। पूर्व मंत्री शकुंतला रावत एवं बानसूर विधायक देवी सिंह सहित तमाम नेता उसको बधाई देने के लिए पहुंचे। बाद में निशांत का यह दावा झूठ निकला है। यूपीएससी में 899 रैंक पर जिस निशांत का चयन हुआ है , वह कोटपूतली बहरोड की जगह उत्तर प्रदेश के आगरा का रहने वाला है। एडमिट कार्ड पर लगे क्यूआर कोड ने निशांत के झूठ की पोल खोल दी।

कोटपूतली बहरोड़ जिले के बानसूर के नांगल भाव सिंह के निशांत कुमार ने अपने आप को यूपीएससी में 899 रैंक बताकर अपना चयन होना बताया था। बड़ी संख्या में ग्रामीणों की ओर से निशांत का डीजे के साथ तहसील स्तर पर जुलूस निकाला गया। बानसूर कस्बे में भी काफिले के साथ जुलूस निकाला गया। पूर्व मंत्री शकुंतला रावत एवं बानसूर विधायक देवी सिंह शेखावत सहित आसपास के गांव से बड़ी संख्या में लोग निशांत को बधाई देने के लिए पहुंचे।

इसी दौरान तहसील स्तर पर हुए कार्यक्रमों में निशांत ने मंच पर खड़े होकर माइक से अपने फर्जी संघर्ष की झूठी कहानी लोगों को सुनाई। उसने बताया कि उसने बिना कोचिंग के घर बैठे यह मुकाम हासिल किया, लेकिन निशांत के प्रवेश पत्र की जब बारीकी से जांच पड़ताल की गई तो उस पर लगे एक क्यूआर कोड ने निशांत की हकीकत लोगों के सामने ला दी।

जांच में पता चला की 899 रैंक आगरा के निशांत कुमार ने हासिल की थी, लेकिन नाम का फायदा उठाकर निशांत कुमार ने फर्जी आईएएस बनने का दावा किया था। निशांत कुमार ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) की मदद से अपने दस्तावेज पर भी रोल नंबर एवं फोटो बदल दिए। जिसको किसी को भनक नहीं लगे।

इसके बाद 899वीं रैंक हासिल करने वाले आगरा के असली निशांत कुमार ने फर्जी आईएएस से इस मामले को लेकर फोन पर वार्ता की। आगरा के रहने वाले निशांत कुमार दिल्ली में सरकारी अधिकारी हैं। आगरा निवासी निशांत कुमार ने फर्जी निशांत के खिलाफ मामला दर्ज करवाने की बात कही है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित