पटना , जून 03 -- ्रामीण क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण आधारभूत संरचना के निर्माण तथा सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए ग्रामीण कार्य विभाग ने भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के विरुद्ध अपनी जीरो टॉलरेंस नीति के तहत एक बड़ी कार्रवाई की है। निविदा प्रक्रिया में जाली दस्तावेजों और भ्रामक सूचनाओं के माध्यम से अनुचित लाभ प्राप्त करने का प्रयास करने वाले तीन संवेदकों के विरुद्ध विभाग द्वारा संबंधित थानों में नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।

ग्रामीण कार्य विभाग द्वारा संचालित विभिन्न सड़क एवं आधारभूत संरचना परियोजनाओं की निविदाओं के तकनीकी मूल्यांकन के दौरान प्रस्तुत अभिलेखों की विस्तृत जांच की गई। इस प्रक्रिया में यह तथ्य सामने आया कि कुछ संवेदकों द्वारा निविदा प्राप्त करने के उद्देश्य से फर्जी अनुभव प्रमाण-पत्र, भ्रामक वित्तीय विवरण तथा जाली भुगतान संबंधी दस्तावेज प्रस्तुत किए गए थे। दस्तावेजों के आधिकारिक सत्यापन में अनियमितताओं की पुष्टि होने के बाद विभाग ने तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की है।

उल्लेखनीय है कि कार्य प्रमंडल सीवान-1 के अंतर्गत निविदा संख्या-144584 में गलत अनुभव प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करने के मामले में नगर थाना, सीवान में कांड संख्या-475/26 के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। वहीं कार्य प्रमंडल महनार के अधीन ग्रामीण सड़क सुदृढ़ीकरण एवं प्रबंधन कार्यक्रम योजना अंतर्गत निविदा संख्या-143461 (आरआरएसएमपी 2025-26) में फर्जी भुगतान प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करने के आरोप में महनार थाना में कांड संख्या-260/26 के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई गई है, जिसमें पाया गया कि निविदा में भाग लेने वाले निविदाकार के द्वारा ऑनलाइन अपलोड किए गए कागजात में ग्रामीण कार्य विभाग, कार्य प्रमंडल महुआ के द्वारा निर्गत भुगतान प्रमाण पत्र निविदा में संलग्न किया गया था लेकिन विभाग के द्वारा जब सत्यापन किया गया तो पाया गया कि भुगतान प्रमाण पत्र कार्य प्रमंडल महुआ से निर्गत नहीं हैजिसको लेकर उसे अयोग्य घोषित करते हुए प्राथमिकी दर्ज की गई है। इसके अतिरिक्त कार्य प्रमंडल बाढ़ के अंतर्गत निविदा संख्या-144458 में गलत वार्षिक टर्नओवर (एटीओ) संबंधी दस्तावेज अपलोड करने तथा बार-बार विभागीय स्पष्टीकरण का जबाब नहीं देने के कारण विभाग के द्वारा निविदा को अयोग्य घोषित करते हुए बाढ़ थाना में कांड संख्या-329/26 के साथ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।

विभाग ने स्पष्ट किया है कि योजनाओं में किसी भी प्रकार की जालसाजी, मिथ्या सूचना अथवा दस्तावेजी फर्जीवाड़े को किसी भी परिस्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। विभागीय नियमों एवं संयुक्त मॉडल निविदा दस्तावेज की निर्धारित शर्तों के उल्लंघन के आधार पर संबंधित संवेदकों की अग्रधन राशि जब्त करने तथा उन्हें ब्लैक लिस्ट करने की प्रक्रिया भी प्रारंभ कर दी गई है। विभाग भविष्य में भी तकनीकी मूल्यांकन एवं दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया को और अधिक सुदृढ़ बनाते हुए किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित करेगा।

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