रायपुर , मार्च 26 -- ) छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने आबकारी विभाग में मैनपावर ठेका एक ही एजेंसी को दिए जाने के आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि राज्य सरकार की सभी निविदा प्रक्रियाएं नियमों के तहत पारदर्शी तरीके से की जा रही हैं।
श्री साव ने विपक्ष पर निराधार आरोप लगाने का आरोप लगाते हुए कहा कि पूर्ववर्ती शासनकाल में ही भ्रष्टाचार और अव्यवस्था को बढ़ावा मिला था। उन्होंने कहा कि वर्तमान में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार सुशासन के सिद्धांतों पर काम कर रही है और किसी भी प्रकार की अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
महादेव सट्टा ऐप प्रकरण पर जारी कार्रवाई का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि यह एक गंभीर मामला है, जिसकी जांच लगातार जारी है। जांच के तहत संपत्तियों की जब्ती जैसी कार्रवाई प्रक्रिया का हिस्सा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व सरकार के दौरान भ्रष्टाचार के नए तरीके विकसित हुए, जिन पर अब सख्ती से कार्रवाई की जा रही है। साथ ही साइबर अपराधों से निपटने के लिए नए साइबर थानों की स्थापना की दिशा में भी काम चल रहा है।
नक्सलवाद के मुद्दे पर उपमुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार का लक्ष्य देश को नक्सल मुक्त बनाना है। विशेष रूप से बस्तर क्षेत्र में विकास और शांति स्थापित करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे आम लोगों के जीवन स्तर में सुधार आए। उन्होंने रायपुर में प्रस्तावित फ्लाईओवर परियोजनाओं को लेकर लगाए गए आरोपों को भी उन्होंने निराधार बताया और कहा कि शहर के प्रमुख क्षेत्रों में यातायात सुगम बनाने और शहरी विकास को गति देने के लिए योजनाएं स्वीकृत हैं और निर्धारित प्रक्रिया के तहत कार्य आगे बढ़ाया जा रहा है।
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