बैतूल , मई 21 -- मध्य रेलवे के महाप्रबंधक राजीव श्रीवास्तव के मुलताई और आमला रेलवे स्टेशनों के निरीक्षण दौरे के दौरान अधूरे निर्माण कार्यों और अव्यवस्थाओं को लेकर अधिकारियों को फटकार लगाई गई। वहीं मुलताई स्टेशन पर मीडिया कर्मियों और स्थानीय संगठनों को रोके जाने को लेकर विवाद की स्थिति भी निर्मित हो गई।

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार मुलताई रेलवे स्टेशन पर जीएम के आगमन से पहले रेलवे प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सक्रिय रहीं। निरीक्षण के दौरान रेलवे पुलिस और आरपीएफ द्वारा मीडिया कर्मियों को कवरेज से रोके जाने पर पत्रकारों ने नाराजगी जताई। पत्रकारों का आरोप था कि उन्हें स्टेशन परिसर में प्रवेश और कवरेज की अनुमति नहीं दी गई।

इसी दौरान स्थानीय सामाजिक संगठनों और नागरिकों ने यात्रियों की समस्याओं तथा लंबित कार्यों को लेकर जीएम से मिलने का प्रयास किया, लेकिन सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें रोक दिया। इससे स्टेशन परिसर में कुछ समय तक नाराजगी का माहौल बना रहा। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि रेलवे प्रशासन अपनी कमियां उजागर होने से बचने के लिए आमजन और मीडिया को दूर रख रहा था।

निरीक्षण के दौरान जीएम राजीव श्रीवास्तव ने मुलताई स्टेशन पर चल रहे निर्माण कार्यों का जायजा लिया। स्टेशन पर करीब दो वर्षों से ओवरब्रिज और अन्य विकास कार्य अधूरे पड़े हैं। पेयजल सहित बुनियादी सुविधाओं की कमी को लेकर भी यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

सूत्रों के मुताबिक जीएम ने निर्माण कार्यों की धीमी गति और स्टेशन की अव्यवस्थाओं पर नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों और ठेकेदारों को फटकार लगाई। उन्होंने लंबित कार्य तय समय सीमा में पूरा करने और यात्री सुविधाओं में सुधार के निर्देश दिए।

इसके बाद जीएम आमला रेलवे स्टेशन पहुंचे, जहां उन्होंने अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत चल रहे निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने प्लेटफॉर्म, शेड निर्माण, फर्श टाइल्स, स्टेशन भवन और पार्किंग क्षेत्र का अवलोकन किया। कुछ स्थानों पर निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और धीमी प्रगति पर भी उन्होंने असंतोष जताया तथा गुणवत्तापूर्ण कार्य समय पर पूरा करने के निर्देश दिए।

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