जांजगीर-चांपा , सितंबर 20 -- छत्तीसगढ़ में जांजगीर जिले के ग्राम कन्हाईबंद में संचालित मेसर्स शारदा मां लॉजिस्टिक्स प्रा.लि. की कोयले के अस्थायी भंडारण की अनुज्ञप्ति नियमों के उल्लंघन और विभिन्न अनियमितताओं के कारण निरस्त कर दी गई है।

कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने जांच प्रतिवेदनों और फर्म के जवाब के परीक्षण के बाद यह कार्रवाई की है।

जिला प्रशासन से आज मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार ग्राम कन्हाईबंद, तहसील जांजगीर में कुल 1.503 हेक्टेयर क्षेत्र में एक समय में अधिकतम 80,000 मीट्रिक टन खनिज कोयले के अस्थायी भंडारण के लिए फर्म को अनुज्ञप्ति प्रदान की गई थी। इसकी अवधि 26 फरवरी 2020 से 25 फरवरी 2030 तक 10 वर्ष के लिए निर्धारित थी।

नियमों के उल्लंघन की शिकायत मिलने पर कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने मामले की जांच के निर्देश दिए थे। खनि निरीक्षक की मौके पर की गई जांच, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) जांजगीर और उप संचालक, नगर तथा ग्राम निवेश क्षेत्रीय कार्यालय जांजगीर से प्राप्त प्रतिवेदनों के साथ कार्यालयीन अभिलेखों के परीक्षण में कई अनियमितताएं सामने आईं।

अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) जांजगीर के प्रतिवेदन के अनुसार फर्म द्वारा 1.948 हेक्टेयर अर्थात 4.80 एकड़ क्षेत्र में कोल डिपो संचालित किया जा रहा था, जबकि भंडारण अनुज्ञप्ति केवल 1.503 हेक्टेयर क्षेत्र के लिए स्वीकृत थी। इसे अनुज्ञप्ति की शर्तों और अनुबंध विलेख में उल्लेखित शर्तों का उल्लंघन पाया गया।

जांच में स्वीकृत अस्थायी अनुज्ञा क्षेत्र को तार फेंसिंग अथवा ईंट की दीवार से घेरा हुआ नहीं पाया गया, जिसे छत्तीसगढ़ खनिज (खनन, परिवहन तथा भंडारण) नियम, 2009 के नियम 14 (9) (एक) का उल्लंघन माना गया। भंडारण क्षेत्र में खनिज कोयले की प्राप्ति और अन्यत्र भेजे गए खनिज अथवा उसके उत्पादों की मात्रा सहित आवश्यक विवरण भी निर्धारित प्रारूप अथवा रजिस्टर में संधारित नहीं पाए गए। जांच के दौरान मांगे जाने पर आवश्यक अभिलेख प्रस्तुत नहीं किए गए, जिसे नियम 14 (दो) का उल्लंघन बताया गया।

फर्म द्वारा अस्थायी भंडारण क्षेत्र से संबंधित मासिक विवरणी भी प्रस्तुत नहीं की जा रही थी, जिसे नियम 14 (दो-क) का उल्लंघन पाया गया। भंडारण क्षेत्र में प्राथमिक चिकित्सा, अग्निशमन यंत्र और मजदूरों के लिए आवश्यक प्राथमिक सुरक्षा किट की व्यवस्था नहीं मिली। इसे नियम 14 (9) (दो एवं तीन) का उल्लंघन माना गया।

जांच में अनुज्ञा क्षेत्र में पर्याप्त मात्रा में वृक्षारोपण नहीं होने और प्रदूषित पानी का उचित उपचार किए बिना उसे नाले में प्रवाहित किए जाने की बात भी सामने आई।

उप संचालक, नगर तथा ग्राम निवेश क्षेत्रीय कार्यालय से प्राप्त पत्र के मुताबिक ग्राम कन्हाईबंद के खसरा नंबर 645/5, 645/8, 645/30, 645/6, 645/17, 645/3, 645/4, 645/21 एवं 645/25 जांजगीर विकास योजना अंतर्गत शामिल क्षेत्र में हैं। इन जमीनों पर विकास अनुज्ञा के लिए आवेदन प्रस्तुत किए बिना अवैध निर्माण कर व्यावसायिक कोल भंडारण का कार्य संचालित किया जाना पाया गया। संबंधित विभाग ने भूमि विकास अथवा अवैध निर्माण हटाने अथवा भूमि को पूर्व स्थिति में प्रत्यावर्तित करने के लिए नोटिस भी जारी किया है।

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, बिलासपुर से प्राप्त पत्र के अनुसार कोल डिपो संचालन के लिए प्रस्तुत दस्तावेजों में रेलवे अंडरब्रिज को उचित रूप से प्रदर्शित नहीं किया गया था। गलत अथवा अपूर्ण दस्तावेज प्रस्तुत किए जाने के संबंध में रेलवे ने भी आपत्ति दर्ज की थी।

इन अनियमितताओं को लेकर कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने फर्म को नोटिस जारी कर 15 दिवस के भीतर जवाब मांगा था। प्रस्तुत जवाब संतोषजनक नहीं पाए जाने के बाद अनुज्ञप्ति निरस्त करने की कार्रवाई की गई।

कलेक्टर द्वारा जारी आदेश में ग्राम कन्हाईबंद, तहसील जांजगीर स्थित भूमि खसरा नंबर 645/5, 645/8, 645/30, 645/36, 645/6, 645/17, 645/3, 645/4, 645/21 एवं 645/25, कुल रकबा 1.503 हेक्टेयर क्षेत्र में खनिज कोयले के अस्थायी भंडारण के लिए मेसर्स शारदा मां लॉजिस्टिक्स प्रा.लि. के पक्ष में स्वीकृत अनुज्ञप्ति को निरस्त कर दिया गया है।

आदेश में कहा गया है कि अनुज्ञप्ति क्षेत्र में छत्तीसगढ़ खनिज (खनन, परिवहन तथा भंडारण) नियम, 2009 के नियम 14 में उल्लिखित भंडारण शर्तों, अनुज्ञप्ति अनुबंध विलेख में निहित उपबंधों/कंडिकाओं का उल्लंघन तथा अन्य अनियमितताएं पाई गई हैं। इसके आधार पर छत्तीसगढ़ खनिज (खनन, परिवहन तथा भंडारण) नियम, 2009 के नियम 15 के प्रावधानों के तहत मुख्य खनिज कोयला की 80,000 मीट्रिक टन अस्थायी भंडारण की स्वीकृत अनुज्ञप्ति निरस्त कर दी गई।

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