लखनऊ , जनवरी 19 -- उत्तर प्रदेश के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने कहा कि सड़क सुरक्षा में होने वाली मौतों को घटाने के लिए जन-जागरूकता सबसे निर्णायक भूमिका निभाती है। यदि लोग हेलमेट, सीट बेल्ट और यातायात नियमों को जीवन का हिस्सा बना लें तो दुर्घटनाओं में जान गंवाने की घटनाओं में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकती है। उन्होंने कहा कि नियमों के पालन में मीडिया और समाज की भूमिका भी महत्वपूर्ण है।
सोमवार को प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण और जन-जागरूकता को मजबूत करने के उद्देश्य से परिवहन विभाग की ओर से दो दिवसीय सड़क सुरक्षा कार्यशाला का आयोजन किया गया। लोक निर्माण विभाग स्थित विश्वेश्वरैया सभागार में आयोजित इस कार्यशाला का उद्घाटन परिवहन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह ने दीप प्रज्ज्वलन कर किया। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण के माध्यम से विभागीय अधिकारी अधिक सक्षम होंगे और फील्ड में सड़क सुरक्षा नियमों का अनुपालन बेहतर ढंग से सुनिश्चित करा सकेंगे।
दयाशंकर सिंह ने बताया कि सरकार ने दोपहिया वाहन खरीदने पर डीलर पॉइंट से दो हेलमेट देना अनिवार्य कर दिया है। इसके साथ ही 'नो हेलमेट, नो फ्यूल' की व्यवस्था लागू की गई है, ताकि दोपहिया चालकों को सुरक्षा के प्रति गंभीर बनाया जा सके। उन्होंने लोगों से अपील की कि वह हेलमेट स्वयं भी पहनें और पीछे बैठने वाले व्यक्ति को भी अनिवार्य रूप से पहनाएं। चार पहिया वाहन चालकों से सीट बेल्ट लगाने और ओवरस्पीडिंग, गलत दिशा में वाहन चलाने तथा शराब पीकर वाहन चलाने से बचने को कहा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रवर्तन का उद्देश्य केवल जुर्माना लगाना नहीं बल्कि लोगों को सावधान करके सुरक्षित घर पहुंचाना है। मंत्री ने परिवहन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि ड्राइविंग लाइसेंस, ट्रैफिक नियमों और सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन कराया जाए और किसी भी स्तर पर ढील न दी जाए।
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