अंबिकापुर , अक्टूबर 04 -- छत्तीसगढ़ के संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय में नियमित कुलसचिव की पदस्थापना का मामला एक बार फिर चर्चा में है।

राज्यपाल एवं कुलाधिपति के निर्देश के बावजूद नियुक्ति संबंधी आदेश जारी नहीं होने पर राज्यपाल सचिवालय ने उच्च शिक्षा विभाग को दोबारा पत्र भेजकर तत्काल कार्रवाई करने को कहा है।

आज मिली जानकारी के अनुसार राज्यपाल के अवर सचिव की ओर से छत्तीसगढ़ शासन के उच्च शिक्षा विभाग के सचिव को भेजे गए पत्र में डॉ. शारदा प्रसाद त्रिपाठी के स्थान पर नियमित कुलसचिव की पदस्थापना संबंधी आदेश तत्काल प्रभाव से जारी करने के निर्देश दिए गए हैं।

पत्र में कहा गया है, "माननीय राज्यपाल एवं कुलाधिपति के निर्देशानुसार पुनः अनुरोध है कि डॉ. शारदा प्रसाद त्रिपाठी के स्थान पर नियमित कुलसचिव की पदस्थापना संबंधी आदेश तत्काल प्रभाव से जारी कर इस सचिवालय को अवगत कराया जाए।"राजभवन के इस पत्र में पूर्व में भेजे गए पत्र क्रमांक 2566/4856/2026/रास/यू-9 दिनांक 24 जून 2026 का भी उल्लेख किया गया है। इसके साथ ही विश्वविद्यालय के कुलपति की ओर से 18 जुलाई 2026 को भेजे गए पत्र का संदर्भ देते हुए संबंधित दस्तावेज संलग्न किए गए हैं।

पत्र के अनुसार छत्तीसगढ़ विश्वविद्यालय अधिनियम, 1973 की धारा-15(7) के तहत किसी अन्य योग्य प्रोफेसर को संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय में नियमित कुलसचिव के पद पर पदस्थापित करने संबंधी प्रस्ताव पर राज्यपाल एवं कुलाधिपति का अनुमोदन पहले ही प्राप्त हो चुका है। इसके बाद भी पदस्थापना आदेश जारी नहीं होने के कारण राज्यपाल सचिवालय को उच्च शिक्षा विभाग से दोबारा कार्रवाई का अनुरोध करना पड़ा है।

विश्वविद्यालय में कुलपति और कुलसचिव से जुड़े विषयों को लेकर पहले भी विवाद की स्थिति सामने आ चुकी है। ऐसे में नियमित कुलसचिव की पदस्थापना के लिए राजभवन की ओर से पुनः पत्र भेजे जाने के बाद अब उच्च शिक्षा विभाग की आगामी कार्रवाई पर नजर है।

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