देहरादून , अप्रैल 27 -- उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में निर्धारित समय के बाद भी खुले बार को बन्द कराने पहुंचे क्षेत्राधिकारी (सीओ) को बार में मौजूद पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) द्वारा फटकारने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। इसके विरोध में जन संघर्ष मोर्चा ने सोमवार को आईजी के आचरण की आलोचना करते हुए उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की मांग की है।
अपनी ईमानदारी के लिए चर्चित मोर्चा अध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी ने आज विकासनगर में संवाददाता सम्मेलन में जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और सीओ सिटी की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि मोर्चा इस मामले में दिलेर सीओ सिटी प्रमोद कुमार और पुलिस कप्तान प्रर्मेंद्र डोभाल की सराहना करता है, जिन्होंने लाठी लेकर मौके (बार) से आईजी और अन्य लोगों को खदेड़ने के लिए मोर्चा संभाला। उन्होंने कहा कि शनिवार रात बारह-एक बजे जिस प्रकार से देहरादून शहर में आईजी के संरक्षण में "रोमियो लेन बार" चल रहा था, उससे प्रतीत होता है कि इस बार में आईजी की कहीं न कहीं अघोषित हिस्सेदारी या पार्टनरशिप है। जिसके चलते यह खास बार रोजाना रात तीन-चार बजे तक चलता है।
श्री नेगी ने कहा कि जिस प्रकार सीओ सिटी के नेतृत्व में पुलिस बल को कार्रवाई से रोकने के लिए आईजी स्वयं आकर कार्यवाही के विरोध में खड़े हो गए तथा कार्रवाई करने के लिए मना करने लगे, ऐसे में सरकार का फर्ज बनता है कि ऐसे गैर जिम्मेदार अधिकारी, जिनका माफियाओं और अनैतिक कार्य करने वालों को संरक्षण दिया जाता रहा है, के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर बाहर का रास्ता दिखाना चाहिए एवं अनुशासनात्मक कार्रवाई भी इनके खिलाफ करनी चाहिए। उन्होंने मांग की कि सरकार को उक्त बार की सीसीटीवी फुटेज जनता के सामने लानी चाहिए, जिससे ऐसे भ्रष्ट अधिकारी बेनकाब हों। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सरकार आईजी को बेनकाब नहीं करती है तो मोर्चा बहुत जल्द इस अधिकारी को बेनकाब करेगा ।
इस दौरान, प्रवीण शर्मा पिन्नी व अतुल हांडा मौजूद रहे।
उल्लेखनीय है कि उक्त बार हमेशा निर्धारित समय के बाद भी खुला रहता है। जिसमें शासन और प्रशासन के बड़े अधिकारियों का प्रायः आना जाना रहता है। शनिवार देर रात निश्चित समय के बाद खुले बार में दो पक्षों में मारपीट होने पर पहुंचे सीओ ने जब बार बन्द कराने और चालान की कोशिश की तो वहां पहले से मौजूद उक्त वरिष्ठ भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) ने उन्हें कार्यवाही से रोका। बाद में पहुंचे वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने अपने सीनियर की बात न मानते हुए कार्यवाही कराई।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित