वाराणसी , अक्टूबर 7 -- भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन बुधवार से उत्तर प्रदेश के दो दिवसीय प्रवास पर वाराणसी पहुंचेंगे। सात और आठ अक्टूबर को काशी प्रवास के दौरान वह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर भाजपा के राष्ट्रव्यापी 'सेवा संकल्प अभियान' के तहत वडनगर से काशी पहुंचे 'सेवा यात्रियों' के अभिनंदन समारोह में जनसभा को संबोधित करेंगे।
इसके अलावा बाबा काशी विश्वनाथ के दर्शन-पूजन, 'युवा संवाद' कार्यक्रम तथा पार्टी के वर्तमान और पूर्व जनप्रतिनिधियों एवं संगठनात्मक पदाधिकारियों के साथ कई महत्वपूर्ण बैठकों में शामिल होंगे। श्री नवीन बुधवार को अपराह्न साढ़े तीन बजे जगतपुर स्थित जगतपुर इंटर कॉलेज पहुंचेंगे, जहां वडनगर से काशी पहुंचे 'सेवा यात्रियों' के अभिनंदन के लिए आयोजित जनसभा को संबोधित करेंगे।
इसके बाद वह जगतपुर स्थित गोकुल धाम रिसॉर्ट में काशी क्षेत्र के प्रमुख कार्यकर्ताओं, सांसदों, विधायकों और विधान परिषद सदस्यों के साथ संगठनात्मक बैठक की अध्यक्षता करेंगे। इसके बाद रात्रि में क्षेत्रीय अध्यक्ष, क्षेत्रीय प्रभारी और क्षेत्रीय महामंत्रियों के साथ बैठक कर संगठनात्मक गतिविधियों की समीक्षा करेंगे। दिन के अंतिम चरण में वह विधान परिषद चुनाव के प्रत्याशियों एवं अन्य आवेदकों के साथ बैठक करेंगे।
प्रवास के दूसरे दिन, गुरुवार को प्रातः आठ बजे श्री नवीन बाबा काशी विश्वनाथ मंदिर पहुंचकर दर्शन-पूजन करेंगे और राष्ट्र की सुख, शांति एवं समृद्धि के लिए प्रार्थना करेंगे। इसके बाद प्रातः 10 बजे महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ स्थित गांधी अध्ययन पीठ में आयोजित 'युवा संवाद' कार्यक्रम में शामिल होंगे और युवाओं से संवाद करेंगे।
'युवा संवाद' के बाद श्री नवीन गोकुल धाम रिसॉर्ट लौटेंगे, जहां पिछले तीन कार्यकाल के जिलाध्यक्षों, क्षेत्रीय अध्यक्षों तथा काशी क्षेत्र के प्रदेश पदाधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। इसके बाद पूर्व जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक प्रस्तावित है। प्रवास के अंतिम चरण में वह काशी क्षेत्र के जिलाध्यक्षों, जिला प्रभारियों, क्षेत्रीय पदाधिकारियों और प्रदेश पदाधिकारियों की संयुक्त समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करेंगे। कार्यक्रमों के समापन के बाद वह नई दिल्ली के लिए रवाना होंगे।
भाजपा के अनुसार, पूर्वांचल के 28 जिलों की 160 से अधिक विधानसभा सीटों पर पार्टी का विशेष फोकस है। इनमें वाराणसी, जौनपुर, भदोही, सोनभद्र, मऊ, गाजीपुर, बलिया, चंदौली, गोरखपुर और कुशीनगर समेत अन्य जिले शामिल हैं। विशेष रूप से काशी क्षेत्र के 16 संगठनात्मक जिलों को लेकर चुनावी रणनीति और संगठन की तैयारियों पर बैठकों में चर्चा होने की संभावना है।
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