पटना , मई 12 -- बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मंगलवार को राज्य के निजी विद्यालयों में फीस और अन्य शुल्कों की मनमानी पर रोक लगाने तथा छात्रों एवं अभिभावकों के हितों की सुरक्षा के लिये कई महत्वपूर्ण निर्देश दिये हैं।
मुख्यमंत्री श्री चौधरी ने कहा कि अब सभी निजी विद्यालयों को विभिन्न प्रकार के शुल्कों का पूरा विवरण सार्वजनिक करना अनिवार्य होगा। उन्होंने कहा कि पुनर्नामांकन शुल्क और अन्य प्रतिबंधित शुल्क वसूलने पर रोक लगायी गयी है, इससे निजी स्कूलों द्वारा अनावश्यक शुल्क वसूली और फीस में मनमानी बढ़ोतरी पर नियंत्रण लगेगा।
श्री चौधरी ने कहा कि नई व्यवस्था के तहत अभिभावक अब अपनी सुविधा के अनुसार किसी भी दुकान या विक्रेता से पुस्तकें, पठन-पाठन सामग्री तथा स्कूल पोशाक खरीद सकेंगे। उन्होंने कहा कि कोई भी निजी विद्यालय किसी विशेष दुकान या ब्रांड से सामान खरीदने के लिये बाध्य नहीं कर सकेगा।
मुख्यमंत्री श्री चौधरी ने स्पष्ट किया कि शुल्क बकाया रहने की स्थिति में भी छात्र-छात्राओं को कक्षा, परीक्षा या परीक्षा परिणाम से वंचित नहीं किया जायेगा, जब तक कि निर्धारित नियमों के तहत आवश्यक प्रक्रिया आवश्यक प्रक्रिया पूर्ण न की गयी हो।उन्होंने कहा कि इन निर्देशों का उल्लंघन करने वाले निजी विद्यालय संचालकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जायेगी। उन्होंने भरोसा जताया कि इस व्यवस्था से राज्य में शिक्षा व्यवस्था अधिक पारदर्शी, न्यायसंगत और सुलभ बनेगी।
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