अम्बिकापुर , अप्रैल 07 -- छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने निजी स्कूलों द्वारा मनमानी फीस वसूली और छात्रों पर चयनित दुकानों से किताब-कॉपी खरीदने का दबाव बनाए जाने के विरोध में आज जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया।
परिषद के कार्यकर्ताओं और छात्रों ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार तथा निजी स्कूलों की मनमानी पर रोक लगाने की मांग को लेकर नारेबाजी की और प्रशासन का ध्यान इस ओर आकर्षित किया।
प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने आरोप लगाया कि कई निजी स्कूल अभिभावकों से निर्धारित मानकों से अधिक फीस वसूल रहे हैं। इसके साथ ही स्कूल प्रबंधन द्वारा विशेष दुकानों से ही किताबें और कॉपियां खरीदने के लिए बाध्य किया जाता है, जिससे अभिभावकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। परिषद ने इसे शिक्षा के अधिकार और पारदर्शिता के खिलाफ बताते हुए तत्काल हस्तक्षेप की मांग की।
परिषद के पदाधिकारियों ने कहा कि शिक्षा संस्थानों का उद्देश्य गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना होना चाहिए, न कि आर्थिक लाभ कमाना। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ स्कूल संचालक नियमों की अनदेखी कर मनमाने तरीके से शुल्क निर्धारण कर रहे हैं, जिससे मध्यम और निम्न वर्ग के परिवारों के लिए बच्चों की पढ़ाई जारी रखना मुश्किल हो रहा है।
प्रदर्शन के बाद परिषद के प्रतिनिधिमंडल ने जिला शिक्षा अधिकारी दिनेश कुमार झा को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मांग की गई कि निजी स्कूलों की फीस संरचना की जांच कराई जाए, किताब-कॉपी खरीदने में पारदर्शिता लाई जाए और किसी भी प्रकार की जबरदस्ती पर सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए नियमित निरीक्षण और निगरानी तंत्र को मजबूत करने की भी मांग की गयी।
जिला शिक्षा अधिकारी दिनेश कुमार झा ने इस संबंध में कहा कि पालकों की शिकायतों पर विभागीय अधिकारी पहले भी कार्रवाई करते रहे हैं। उन्होंने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के इस प्रदर्शन को सकारात्मक पहल बताते हुए कहा कि प्राप्त शिकायतों पर मांगों के अनुरूप कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
इस दौरान परिषद ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही ठोस कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
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