नयी दिल्ली , जून 25 -- कांग्रेस ने कहा है कि सरकार की आर्थिक नीतियां तथा निवेश के अनुकूल वातावरण नहीं होने के कारण देश में निजी कॉरपोरेट निवेश में गतिशीलता घट गई है और अर्थव्यवस्था में आई यह कमी देश के सामने सबसे गंभीर चुनौती बन गई है।

कांग्रेस संचार विभाग के प्रभारी जयराम रमेश ने गुरुवार को सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि वास्तविक मजदूरी में ठहराव, ऊंची महंगाई के कारण घरेलू बचत दर में गिरावट, कर अधिकारियों और जांच एजेंसियों के छापों से पैदा हुआ भय का माहौल, नीतिगत अनिश्चितता तथा चीन से बढ़ते आयात निजी निवेश में सुस्ती के प्रमुख कारण हैं। उनका कहना था कि इन परिस्थितियों का असर खपत और निवेश दोनों पर पड़ा है।

श्री रमेश ने कहा कि आर्थिक शक्ति का बढ़ता केंद्रीकरण भी निवेश वृद्धि को हतोत्साहित कर रहा है। उन्होंने दावा किया कि इसका सबसे बड़ा प्रमाण यह है कि वर्ष 2025-26 में भारत के कुल निजी कॉरपोरेट निवेश का एक-तिहाई हिस्सा अकेले एक बड़े कारोबारी समूह का था, जिससे अर्थव्यवस्था में निवेश के असंतुलन का संकेत मिलता है।

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