नयी दिल्ली , जनवरी 25 -- किसी निजी कंपनी द्वारा निर्मित देश का पहला स्वदेशी पायलट प्रशिक्षण विमान डायमंड डीए40 इस साल के अंत तक उड़ान भर सकता है।

डीए40 विमानों की निर्माण शक्ति एयरक्राफ्ट इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड (एसएआईपीएल) कर रही है जो भारत के शक्ति समूह और ऑस्ट्रिया के डायमंड एयरक्राफ्ट इंडस्ट्रीज का साझा उपक्रम है। कंपनी ने मार्च 2025 में देश में इन विमानों की आपूर्ति शुरू की थी, लेकिन इनका भारत में निर्माण अभी नहीं हो रहा है।

कंपनी ने ई-मेल पर भेजे गये सवालों के जवाब में 'यूनीवार्ता' को बताया कि वह तमिलनाडु के त्रिपुर में डीए40 विमानों के निर्माण के लिए एसेंबली लाइन बना रही है। उत्पादन के लिए सभी उपकरण वहां पहुंच चुके हैं। इसे इस साल के मध्य तक नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) से सीएआर 21 प्रमाणन मिलने की उम्मीद है। इसके बाद अंतिम असेम्बली शुरू होगी।

कंपनी ने बताया कि वह इस साल की अंतिम तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर) के दौरान इन विमानों की डिलिवरी शुरू करेगी।

एसएआईपीएल ने परियोजना के पहले चरण में 450 करोड़ रुपये के पूंजी निवेश की योजना बनायी है। भारतीय कंपनियों की जरूरतें पूरी करने के अलावा कंपनी की योजना भारतीय उपमहाद्वीप के दूसरे देशों में भी डीए40 एनजी विमानों के निर्यात की है। कंपनी ने बताया है कि भविष्य में वह कलपुर्जों के निर्यात भी करेगी।

डायमंड डीए40 एनजी चार सीट वाला सिंगल इंजन विमान है। कंपनी का कहना है कि देश के बढ़ते विमानन क्षेत्र के साथ आने वाले समय में पायलट प्रशिक्षण के लिए विमानों की जरूरत भी बढ़ेगी। देश में इस समय 35 उड़ान प्रशिक्षण संगठन हैं। सरकार की योजना अगले 10 साल में इसे दोगुना करने की है। इसे देखते हुए आने वाले समय में देश में प्रशिक्षण विमानों की मांग भी मजबूत बनी रहेगी।

हैदराबाद के बेगमपेट हवाई अड्डे पर विंग्स इंडिया 2026 के दौरान एसएआईपीएल अपने डीए40 एनजी, डीए42 और डीए 62 विमानों का प्रदर्शन करेगी। इन विमानों का उपयोग पायलट प्रशिक्षण के अलावा बहु-उद्देशीय अभियानों में भी किया जा सकता है।

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