रुद्रपुर , अप्रैल 25 -- उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर जिले में टीबी मुक्त भारत अभियान को गति देने के लिए अब निजी क्षेत्र के अस्पताल भी स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर काम करेंगे। राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के तहत जिले में व्यापक स्तर पर स्क्रीनिंग और उपचार की व्यवस्था मजबूत की जा रही है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. के.के. अग्रवाल के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की टीम पूरी सक्रियता के साथ अभियान में जुटी है। जिला क्षय नियंत्रण टीम ने निजी अस्पतालों के चिकित्सकों से समन्वय स्थापित करते हुए उन्हें अभियान से जोड़ने की पहल की, जिस पर सभी प्रमुख निजी अस्पतालों ने सहमति जताई है।
उन्होंने कहा कि अब जिले के सभी निजी अस्पतालों में आने वाले मरीजों की नियमित टीबी स्क्रीनिंग की जाएगी। स्क्रीनिंग के दौरान संभावित मरीज मिलने पर उन्हें स्वास्थ्य विभाग के माध्यम से शीघ्र उपचार उपलब्ध कराया जाएगा। इसके साथ ही सभी अस्पतालों को निर्देश दिए गए हैं कि वे प्रतिदिन मरीजों का डेटा सरकारी पोर्टल निक्षय पोर्टल पर अपडेट करें।
केन्द्र सरकार के सेंट्रल टीबी डिवीजन के सहयोग से राज्य स्तर से भेजे गए विशेषज्ञ डॉ. विनीत ने चिकित्सकों के साथ बैठक कर अभियान की रूपरेखा साझा की। उन्होंने नियमित स्क्रीनिंग और डेटा अपडेटिंग को टीबी उन्मूलन की दिशा में अहम कदम बताया।
योजना के मुताबिक प्रत्येक निजी अस्पताल में एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाएगा, जो प्रतिदिन चेस्ट एक्स-रे सहित अन्य जांचों का विवरण निक्षय पोर्टल पर दर्ज करेगा।
अभियान के तहत रुद्रपुर, खटीमा, सितारगंज और काशीपुर क्षेत्रों के निजी अस्पतालों का भ्रमण भी किया गया।
इस दौरान जिला पीएमडीटी समन्वयक नवल, वरिष्ठ उपचार पर्यवेक्षक राहुल श्रीवास्तव, संजीव जोशी, अरशद स्वास्थ्य कार्यकर्ता तथा विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।
सीएमओ डॉ. अग्रवाल ने कहा कि निजी क्षेत्र की भागीदारी से टीबी उन्मूलन अभियान को मजबूती मिलेगी और जनपद को जल्द टीबी मुक्त बनाने का लक्ष्य हासिल किया जा सकेगा।
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