सुकमा, जनवरी 20 -- छत्तीसगढ़ में सुकमा जिला प्रशासन ने आज प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान को जिले में प्रभावी ढंग से लागू करने की दिशा में एक सराहनीय पहल करते हुए इसे जन-आंदोलन का स्वरूप देने का प्रयास किया।
जिले के कलेक्टर अमित कुमार और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मुकुन्द ठाकुर ने स्वयं ''निक्षय मित्र'' बनकर टीबी से प्रभावित मरीजों को गोद लिया। इस अवसर पर उन्होंने मरीजों को पूरक पोषण आहार किट प्रदान की और उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की।
जिला पीआरओ से मंगलवार को मिली जानकारी मुताबिक कार्यक्रम के दौरान कलेक्टर अमित कुमार ने कहा कि टीबी एक गंभीर लेकिन पूरी तरह से उपचार योग्य बीमारी है। समय पर जांच, नियमित दवा सेवन और संतुलित, पौष्टिक आहार के माध्यम से इस बीमारी को जड़ से समाप्त किया जा सकता है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल दवाइयों से ही नहीं, बल्कि सही पोषण और मानसिक संबल से भी मरीजों की रिकवरी तेज होती है। इसी उद्देश्य से 'निक्षय मित्र' पहल के तहत मरीजों को अतिरिक्त पोषण उपलब्ध कराया जा रहा है।
जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मुकुन्द ठाकुर ने कहा कि प्रशासन की यह पहल समाज में सकारात्मक संदेश देने का कार्य कर रही है। जब जिम्मेदार पदों पर बैठे अधिकारी स्वयं आगे बढ़कर मरीजों को गोद लेते हैं, तो आमजन में भी सहभागिता की भावना विकसित होती है। उन्होंने विश्वास जताया कि इस अभियान से जिले में टीबी उन्मूलन की दिशा में ठोस परिणाम सामने आएंगे।
इस पहल के माध्यम से टीबी मरीजों के कुपोषण पर प्रभावी प्रहार करते हुए उन्हें प्रोटीन और विटामिन युक्त पूरक आहार सुनिश्चित किया जाएगा। साथ ही सामाजिक जागरूकता के जरिए टीबी से जुड़ी भ्रांतियों और भेदभाव को समाप्त करने, मरीजों की नियमित उपचार ट्रैकिंग और उन्हें मानसिक सहयोग प्रदान करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
कलेक्टर ने जिले के संपन्न नागरिकों, स्वयंसेवी संगठनों और औद्योगिक संस्थानों से अपील की कि वे भी ''निक्षय मित्र'' बनकर इस अभियान से जुड़ें, ताकि सामूहिक प्रयासों से सुकमा जिले को टीबी मुक्त बनाया जा सके।
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