अलवर , अगस्त 02 -- राजस्थान के अलवर में निकाय और पंचायत चुनाव नजदीक आते ही कांग्रेस की अंदरूनी गुटबाजी खुलकर सामने आने लगी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार चुनावी रणनीति बनाने के लिए अलवर जिले के किशनगढ़बास में आयोजित कांग्रेस कार्यकर्ताओं की बैठक संगठन की मजबूती से ज्यादा अंतर्कलह को लेकर चर्चा में रही। बैठक के दौरान विधायक दीपचंद खैरिया और कोटकासिम प्रधान डॉ. विनोद कुमारी सांगवान के बीच तीखी नोकझोंक ने कार्यकर्ताओं के सामने पार्टी की अंदरूनी खींचतान उजागर कर दी। ऐसे समय जब कांग्रेस चुनावी तैयारी में जुटी है, नेताओं के बीच मतभेद संगठन की एकजुटता पर सवाल खड़े कर रहे हैं।
बैठक में जिला कांग्रेस अध्यक्ष बलराम यादव सहित कई प्रमुख पदाधिकारियों की अनुपस्थिति भी चर्चा का विषय बनी रही। वहीं टिकट वितरण को लेकर कार्यकर्ताओं में भ्रम साफ दिखाई दिया। पूर्व सरपंच हल्लू खान ने खुलकर कहा कि पार्टी की गुटबाजी का फायदा भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) उठा रही है। कार्यकर्ताओं के बीच इस बात को लेकर अलग-अलग राय रही कि टिकट देने का अधिकार जिला अध्यक्ष के पास होगा या विधायक के स्तर पर फैसला होगा। इससे चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे दावेदारों में असमंजस का माहौल बना हुआ है।
बैठक में हालांकि श्री खैरिया ने संगठन को मजबूत करने और चुनावी तैयारियों में जुटने का आह्वान किया। खैरथल-तिजारा जिला कांग्रेस के सह-प्रभारी पुष्पेंद्र धाभाई और विधानसभा प्रभारी देव कसाना ने भी कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर चुनाव लड़ने का अनुरोध किया। नेताओं ने दावा किया कि टिकट पार्टी के सर्वेक्षण के आधार पर दिए जाएंगे। इसी दौरान हरसोली के भाजपा पदाधिकारी रामकिशन चौधरी ने कांग्रेस की सदस्यता भी ग्रहण की, लेकिन बैठक की सबसे बड़ी चर्चा नेताओं के बीच दिखी गुटबाजी और चुनाव से पहले सामने आई संगठनात्मक खींचतान ही रही।
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