रांची , फरवरी 07 -- झारखंड में प्रस्तावित नगर निकाय चुनाव को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और भयमुक्त तरीके से संपन्न कराने के लिए रांची पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गई है।

चुनाव की तारीख जैसे-जैसे नजदीक आ रही है, पुलिस प्रशासन कानून-व्यवस्था को लेकर किसी भी तरह की चूक नहीं करना चाहता। इसी क्रम में रांची पुलिस ने कई सख्त और एहतियाती कदम उठाने शुरू कर दिए हैं।

जेल से जमानत पर छूटे दागी अपराधियों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। सिटी एसपी पारस राणा के निर्देश पर सभी डीएसपी और थाना प्रभारियों को ऐसे अपराधियों का सत्यापन करने का आदेश दिया गया है, जो पूर्व में गंभीर आपराधिक मामलों में जेल जा चुके हैं। इन अपराधियों को हर सप्ताह या 15 दिन में एक बार संबंधित थाने में हाजिरी लगाने का निर्देश दिया गया है, ताकि चुनावी अवधि के दौरान वे किसी भी आपराधिक या असामाजिक गतिविधि में शामिल न हो सकें।

इसके अलावा रांची पुलिस ने अब तक 500 से अधिक संदिग्ध व्यक्तियों को दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 163 के तहत नोटिस जारी किए हैं। ये नोटिस उन लोगों को दिए गए हैं, जिनका पूर्व में विवाद, झगड़े, चुनावी गड़बड़ी या कानून-व्यवस्था बिगाड़ने का रिकॉर्ड रहा है। नोटिस पाने वाले व्यक्तियों को संबंधित अनुमंडल पदाधिकारी के समक्ष निर्धारित तिथि पर उपस्थित होकर शांति बनाए रखने के लिए बांड भरना अनिवार्य होगा। बांड का उल्लंघन करने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें जेल भेजे जाने का भी प्रावधान है।

नगर निकाय चुनाव को लेकर रांची के संवेदनशील और अति संवेदनशील इलाकों की पहचान कर ली गई है। मतदान के दिन इन क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जाएगी। गश्ती दल और क्विक रिस्पॉन्स टीम (क्यूआरटी) को सक्रिय रखा गया है, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से तत्काल निपटा जा सके।

रांची के सीनियर एसपी राकेश रंजन ने बताया कि शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और भयमुक्त चुनाव कराना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। आम मतदाता बिना किसी डर या दबाव के अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें, इसके लिए हर आवश्यक कदम उठाया जा रहा है। उन्होंने आम लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने की अपील की।

चुनाव को देखते हुए राजधानी में लाइसेंसी हथियारों का सत्यापन अभियान भी शुरू कर दिया गया है। सभी लाइसेंसी हथियार धारकों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने हथियार नजदीकी थाना, गन हाउस या पुलिस लाइन में जमा करें। मतगणना समाप्त होने के बाद हथियार धारकों को उनके हथियार वापस किए जाएंगे।

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