मुंबई , अप्रैल 18 -- महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शोषण और संगठित अपराध की बढ़ती घटनाओं पर कड़ा रुख अपनाते हुए राज्य पुलिस को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
गृह विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने नासिक के अशोक खरात "गॉडमैन" मामले, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज नासिक से जुड़े कथित धर्मांतरण और उत्पीड़न के आरोपों तथा मुंबई के नेस्को ड्रग्स मामले पर विस्तार से चर्चा की।
नासिक के मामले में स्वयंभू ज्योतिषी अशोक खरात पर महिलाओं के साथ धोखाधड़ी और यौन शोषण के गंभीर आरोप हैं। मुख्यमंत्री ने पीड़ितों को पूर्ण सुरक्षा और सहयोग देने का निर्देश देते हुए कहा कि "आरोपी कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, उसे कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए।"उन्होंने विशेष जांच दल (एसआईटी) को ठोस और निर्विवाद साक्ष्य जुटाने के निर्देश दिए, ताकि अदालत में दोषसिद्धि सुनिश्चित हो सके।
बैठक में नासिक स्थित एक आईटी कंपनी में धार्मिक धर्मांतरण, देवी-देवताओं के अपमान और महिला कर्मचारियों के यौन शोषण के आरोपों पर भी चिंता जताई गई। मुख्यमंत्री ने मामले का खुलासा करने के लिए नासिक पुलिस की सराहना करते हुए कहा कि जांच को सभी संभावित पहलुओं तक विस्तारित किया जाए। उन्होंने एसआईटी को यह भी जांचने को कहा कि क्या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क या संगठित प्रयास है।
मुंबई के गोरेगांव स्थित नेस्को सेंटर में हालिया मादक पदार्थ मामलों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने "जीरो टॉलरेंस" नीति दोहराई और कहा कि युवाओं के भविष्य से जुड़े इस मुद्दे पर ड्रग कार्टेल के खिलाफ आक्रामक कार्रवाई की जाए।
उन्होंने संकेत दिया कि बड़े ड्रग अपराधों में आरोपियों पर महाराष्ट्र कंट्रोल ऑफ ऑर्गनाइज्ड क्राइम एक्ट के तहत मामला दर्ज किया जाएगा, ताकि उन्हें आसानी से जमानत न मिल सके।
अमरावती के परतवाड़ा मामले में मुख्यमंत्री ने पुलिस को संवेदनशीलता बरतने की सलाह दी और सामाजिक कार्यकर्ताओं की मदद से पीड़ितों को काउंसलिंग उपलब्ध कराने पर जोर दिया, ताकि वे शिकायत दर्ज कराने और कानूनी लड़ाई लड़ने का आत्मविश्वास जुटा सकें।
बैठक में पुलिस महानिदेशक, अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह), एसआईटी प्रमुख और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
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