नासिक , अक्टूबर 25 -- महाराष्ट्र में नासिक-पुणे रोड पर फुलेनगर में 'गौ-रक्षकों' ने सात पिकअप गाड़ियों को रोक कर 16 बैलों को मुक्त कराया।

पुलिस ने 'महाराष्ट्र पशु संरक्षण अधिनियम, 1976' के तहत मामला दर्ज कर लिया है। यह घटना रविवार की सुबह करीब 7.30 बजे सामने आई, जब गौ-रक्षक आदित्य फड़ोल ने पुलिस को इन सात गाड़ियों में मवेशियों को ले जाए जाने की सूचना दी। सूचना मिलने पर नासिक रोड पुलिस मौके पर पहुंची, जहां फड़ोल ने रोहित गोरे, साहिल पिलोरे और दर्शन देवरे के साथ मिलकर इन गाड़ियों को रोक रखा था। जांच के दौरान पुलिस को सात पिकअप गाड़ियों में 16 बैल मिले। इन जानवरों को गाड़ियों में बहुत बुरी तरह से ठूंस-ठूंस कर भरा गया था, जिससे उनके घायल होने का खतरा था और यह पशु परिवहन नियमों का भी उल्लंघन था।

पुलिस ने नासिक रोड थाने में मामला दर्ज करने से पहले ड्राइवरों और अन्य संबंधित लोगों का विवरण नोट किया। शिकायत में मुरलीधर तुकाराम वाघले, जयराम भास्कर नाथे, निवृत्ति मधुकर खोडे, करण रतन गांगुर्डे, श्रीकांत रतन गांगुर्डे, मोतीराम हरि वाघमारे, गंगाराम हनुमंत गवली और हेमराज पंडित पागी के साथ-साथ इस घटना से जुड़े अन्य लोगों के नाम शामिल हैं।

पुलिसकर्मी नितिन रामकृष्ण सांगले ने सरकार की ओर से यह शिकायत दर्ज कराई। वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक जितेंद्र सपकाले की देखरेख में पुलिस हेड कांस्टेबल अनिल अशोक मोरे मामले की जांच कर रहे हैं। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन जानवरों को कहां और क्यों ले जाया जा रहा था और इस मामले में गाड़ियों के ड्राइवरों, मालिकों तथा अन्य शामिल लोगों की क्या भूमिका थी।

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