नासिक , अप्रैल 08 -- नासिक के कथित फर्जी बाबा अशोक खरात से जुड़े मामले में जिला सत्र न्यायालय में बुधवार को महत्वपूर्ण सुनवाई हुई। पुलिस हिरासत की अवधि समाप्त होने के बाद आरोपी को अदालत में पेश किया गया।

अदालत ने दूसरे मामले में अशोक खरात को 21 अप्रैल तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है, जिसके बाद उसे नासिक सेंट्रल जेल में स्थानांतरित किया जाएगा। मामले की गंभीरता और संभावित सुरक्षा जोखिमों को देखते हुए आरोपी को अदालत में व्यक्तिगत रूप से पेश नहीं किया गया, बल्कि न्यायाधीश बी. ई. इचपुराणी के समक्ष वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश किया गया।

सुनवाई के दौरान सरकारी पक्ष की ओर से लोक अभियोजक शैलेन्द्र बागड़े और जांच अधिकारी किरण कुमार सूर्यवंशी ने दलीलें पेश कीं, जबकि बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता सचिन भाटे उपस्थित रहे।

सुनवाई शुरू होते ही न्यायाधीश ने स्क्रीन पर मौजूद आरोपी से पहला सवाल पूछा-"तुम्हारा नाम क्या है?"-जिसके बाद आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी की गईं। गौरतलब है कि पिछली सुनवाई में अशोक खरात को आठ अप्रैल तक पुलिस हिरासत में भेजा गया था। यह अवधि समाप्त होने के बाद आज उसे न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया गया।

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