चेन्नई , अगस्त 18 -- तमिलनाडु विधानसभा में द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री ई. वी. वेलू ने मंगलवार को 'मुख्यमंत्री नाश्ता योजना' का नाम बदलकर पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कामराज के नाम पर रखने के राज्य सरकार के फैसले पर सवाल उठाया, जबकि सत्तारूढ़ तमिलगा वेट्री कषगम (टीवीके) सरकार ने इसका बचाव किया है।

यह योजना पूर्ववर्ती द्रमुक सरकार के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन द्वारा शुरू की गयी थी, जिसके तहत राज्य भर के सभी सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों में कक्षा 1 से 5 तक के छात्रों को मुफ्त नाश्ता प्रदान किया जाता था। टीवीके सरकार के सत्ता में आने के बाद, मुख्यमंत्री विजय ने इस योजना का विस्तार कक्षा 6 से 8 तक के छात्रों के लिए किया, जिससे कुल लाभार्थियों की संख्या लगभग 45 लाख हो गई, और इसका नाम बदलकर "पेरुंतलैवर कामराजर नाश्ता योजना" कर दिया।

मुख्यमंत्री 17 सितंबर, 2026 को सामाजिक सुधारक ई. वी. रामासामी (पेरियार) की जयंती के अवसर पर इस विस्तारित योजना का औपचारिक शुभारंभ करेंगे।

विधानसभा में श्री वेलू ने कहा कि द्रमुक सरकार द्वारा शुरू की गयी योजना का नाम बदलने के बजाय कामराज के नाम पर कोई नयी योजना शुरू करना अधिक उचित होता। इस पर हस्तक्षेप करते हुए स्कूल शिक्षा मंत्री राजमोहन ने कहा कि कामराज ने ही राज्य में शिक्षा क्षेत्र में क्रांति लाते हुए मध्याह्न भोजन योजना शुरू की थी, इसलिए नाश्ता योजना का नाम उनके नाम पर रखना पूरी तरह से उपयुक्त है।

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