पटना , अप्रैल 13 -- पटना की महापौर सीता साहू ने सोमवार को कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिलाओं को नीति निर्धारक बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम है।
महापौर श्रीमती सीता साहू ने आज पटना नगर निगम मुख्यालय स्थित सभागार में महिला पार्षदों के साथ "नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023" के समर्थन में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में इस कानून पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि यह पहल किसी राजनीतिक या व्यक्तिगत उद्देश्य से नहीं, बल्कि राष्ट्रहित और महिलाओं की भागीदारी को सशक्त बनाने के लिए की गई है।
महापौर श्रीमती सीता साहू ने कहा कि किसी भी समाज की प्रगति तभी संभव है, जब महिलाओं को निर्णय लेने की प्रक्रिया में बराबर की भागीदारी मिले। उन्होंने कहा कि जब महिलाएं नेतृत्व करती हैं, तो समाज में शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, पोषण, जल, सुरक्षा और सामाजिक न्याय जैसे विषयों को अधिक प्राथमिकता मिलती है। पंचायतों और स्थानीय निकायों में महिलाओं की भागीदारी इसका सबसे बड़ा उदाहरण है, जहां महिला प्रतिनिधियों ने पानी, स्कूल, साफ-सफाई और स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
महापौर ने कहा कि आज भारत में महिलाएं केवल मतदाता नहीं हैं, बल्कि वे छात्रा, उद्यमी, प्रोफेशनल, वैज्ञानिक, अधिकारी और जनप्रतिनिधि के रूप में हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना रही हैं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2024 तक देश में लगभग 47 करोड़ महिला मतदाता हैं और हाल के चुनावों में महिलाओं की मतदान प्रतिशत कई स्थानों पर पुरुषों से भी अधिक रही है। इसके बावजूद संसद और विधानसभाओं में महिलाओं की भागीदारी अभी भी अपेक्षाकृत कम है। ऐसे में 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' महिलाओं को केवल वोटर नहीं, बल्कि नीति निर्धारक के रूप में स्थापित करेगा।
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