प्रयागराज , अप्रैल 24 -- उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में पूनम संत महिला एवं विकास समिति के तत्वावधान में शुक्रवार शाम नारी शक्ति वंदन अधिनियम (महिला आरक्षण बिल) को पारित न किए जाने के विरोध में विशाल आक्रोश रैली निकाली गई। रैली धरना चौराहा से शुरू होकर सुभाष चौराहा होते हुए सिविल लाइंस तक पहुंची, जिसमें बड़ी संख्या में संस्था के पदाधिकारी, सखियां, मातृशक्ति और गणमान्य नागरिक शामिल हुए। रैली के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भगवान राम, गृह मंत्री अमित शाह को लक्ष्मण तथा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भरत की भूमिका में दर्शाया गया। वहीं विपक्ष के नेताओं राहुल गांधी, अखिलेश यादव, ममता बनर्जी, एम.के. स्टालिन, शरद पवार समेत अन्य नेताओं को रावण की भूमिका में दर्शाते हुए सुभाष चौराहे पर उनका पुतला दहन किया गया। रैली को संबोधित करते हुए संस्था की राष्ट्रीय अध्यक्ष पूनम संत ने कहा कि विपक्ष ने महिला आरक्षण बिल को विफल करने के लिए हरसंभव प्रयास किया, जो अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि इसका राजनीतिक खामियाजा विपक्षी दलों को आगामी चुनावों में भुगतना पड़ेगा। उन्होंने कहा, "जब नारी का सम्मान नहीं होगा, तो उनका भी कहीं नाम नहीं होगा।"उन्होंने कहा कि यह विधेयक महिलाओं को राजनीतिक भागीदारी में 33 प्रतिशत आरक्षण देकर सशक्त बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम है। संस्था की राष्ट्रीय संयोजिका इसबिल ब्रांडेश ने भी महिला आरक्षण बिल की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह अधिनियम महिलाओं को निर्णय प्रक्रिया में समान भागीदारी सुनिश्चित करता है और समाज में उनकी भूमिका को मजबूत बनाता है।

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