फर्रुखाबाद , अप्रैल 27 -- उत्तर प्रदेश भाजपा की प्रदेश उपाध्यक्ष एवं राज्य महिला कल्याण निगम की अध्यक्ष कमलावती सिंह की मौजूदगी में महिला आरक्षण विधेयक के विरोध को लेकर सोमवार अपराह्न शहर के आवास विकास स्थित भाजपा जिला कार्यालय के सामने भाजपा कार्यकर्ता महिलाओं ने जन आक्रोश प्रदर्शन करते हुए समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के पुतले फूंके। इस दौरान महिला प्रदर्शनकारियों ने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, अखिलेश यादव और डिंपल यादव के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए मुर्दाबाद के नारे लगाए। भाजपा जिला कार्यालय में आयोजित सभा को संबोधित करते हुए कमलावती सिंह ने कहा कि 16 और 17 अप्रैल को केंद्र सरकार द्वारा महिला सशक्तिकरण के तहत लाए गए नारी शक्ति वंदन अधिनियम जैसे महत्वपूर्ण विधेयक का सपा, कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने विरोध कर महिलाओं के जनाधिकारों के साथ सबसे बड़ा विश्वासघात किया है।
उन्होंने कहा कि यह विधेयक महिलाओं को राजनीतिक क्षेत्र में बड़ा अधिकार दिलाने वाला था, जिससे उनकी भागीदारी बढ़ने के साथ एक मजबूत राष्ट्र का निर्माण संभव है। उन्होंने कहा कि 16 और 17 अप्रैल का दिन भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का काला दिन साबित हुआ, जिसकी जिम्मेदारी सपा और कांग्रेस जैसे राजनीतिक दलों पर है।
उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष ने इस विधेयक का विरोध कर करोड़ों माताओं, बहनों और बेटियों के साथ विश्वासघात किया है। सपा और कांग्रेस ने अपनी महिला विरोधी सोच को उजागर किया है। जब महिलाओं को अधिकार देने का समय आया, तब पूरा विपक्ष केवल मूकदर्शक बना रहा।
कमलावती सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोच प्रत्येक महिला को अधिकार देने वाली है और भाजपा महिलाओं को उनका अधिकार दिलाने के लिए निरंतर संघर्ष करती रहेगी। उन्होंने यह भी कहा कि समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव और कांग्रेस की सांसद प्रियंका गांधी स्वयं महिला होते हुए भी इस विधेयक के विरोध के जरिए महिलाओं के आत्मसम्मान को ठेस पहुंचाने का कार्य कर रही हैं।
इस अवसर पर राज्य महिला आयोग की पूर्व सदस्य डॉ. मिथिलेश अग्रवाल ने कहा कि विपक्ष द्वारा विधेयक का विरोध महिलाओं के सम्मान पर सबसे बड़ी चोट है। महिलाओं का राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान है और केंद्र सरकार द्वारा लाया गया यह विधेयक उन्हें उनके अधिकार दिलाने वाला था।
महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष बबीता पाठक ने कहा कि नारी का सम्मान ही देश का सम्मान है। सपा और कांग्रेस ने इस महत्वपूर्ण विधेयक का विरोध कर नारी के आत्मसम्मान पर प्रहार किया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि भारतीय नारी ऐसे राजनीतिक दलों को लोकतांत्रिक तरीके से जवाब देगी।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित